खराब मौसम ने रोके बद्री-केदारनाथ श्रद्धालुओं के बढ़ते कदम, हजारों फंसे

लगातार बिगड़ते मौसम और खराब रास्तों के कारण 30 जून तक रोकी गई केदारनाथ की पैदल यात्रा बुधवार 1 जुलाई को भी शुरू नहीं हो पाई। सोनप्रयाग से चलकर गौरीकुंड पहुंचे दो सौ यात्री मौसम और रास्ता ठीक होने का इंतजार करते रहे। गौरीकुंड से जंगलचट्टी के बीच अब चीरबासा के पास पैदल रास्ता 20 मीटर क्षतिग्रस्त हो गया है।

बद्रीनाथ यात्रा का हाल भी इससे अलग नहीं है। चमोली जिले में भारी बारिश और बद्रीनाथ हाईवे बंद होने के कारण प्रशासन ने दूसरे दिन भी पड़ावों और धाम में यात्रियों को रोके रखा। बुधवार शाम चार बजे के करीब बारिश तो रुक गई, लेकिन हाईवे लामबगड़, बल्दौड़ा और बैनाकुली में बंद है।

1436 यात्री जोशीमठ, पीपलकोटी, गोविंदघाट बाजार और पांडुकेश्वर में रुके हुए है। बद्रीनाथ धाम में 1500 तीर्थयात्री हाईवे खुलने का इंतजार करते रहे। ये यात्री मंगलवार से ही फंसे हैं। मंगलवार रात भारी बारिश से हाईवे पागलनाला और पाताल गंगा में भी बंद हो गया था। दोनों जगह बुधवार दिन में 3.30 बजे के करीब रास्ता खुल पाया। इसके बाद यहां फंसे बद्रीनाथ और हेमकुंड जाने वाले 243 तीर्थयात्री जोशीमठ पहुंचे। मंगलवार को भी बद्रीनाथ की यात्रा नहीं चल पाई थी।

केदारनाथ की यात्रा 25 जून से ही बंद है। रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते बुधवार को भी बाबा केदार के भक्तों को मायूस होना पड़ा। बुधवार को सोनप्रयाग में सौ से ज्यादा श्रद्धालु बारिश में भीगते हुए 6 घंटे तक यात्रा शुरू होने का इंतजार करते रहे। यात्रियों की पुलिस और अन्य कर्मचारियों से झड़प भी हुई।

बताया गया कि गौरीकुंड से जंगलचट्टी के बीच चीरबासा के करीब पैदल रास्ता लगभग 20 मीटर क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां बिजली के तीन खंभे भी उखड़ गए हैं। डीएम राघव लंगर ने केदारनाथ की पैदल यात्रा रोकने के निर्देश दिए। दोपहर बाद मौसम ठीक होने पर दो सौ यात्रियों को सोनप्रयाग से गौरीकुंड जाने की इजाजत दी गई।

गुरुवार को इन यात्रियों को यहीं से पैदल केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए रवाना होना है। बुधवार को तेज बारिश के कारण गुप्तकाशी से केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी बाधित होती रही। हालांकि दिन भर में 275 श्रद्धालुओं ने हेलीकॉप्टर से धाम पहुंचकर बाबा के दर्शन किए।

बुधवार को भारी बारिश के बीच बद्रीनाथ की ऊंची चोटियों के साथ ही हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, गोरसों बुग्याल, नंदा घुंघटी सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हुई। बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब धामों में ठंड बढ़ गई है।