कुमाऊं क्षेत्र में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, सड़कें बहीं, जनजीवन अस्त-व्यस्त

उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में पिछले तीन दिन से हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नदी-नालों के उफान पर होने से लगातार बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है। बारिश के कारण अल्मोड़ा जिले में द्वाराहाट के सुरईखेत-बिठोली में छत टूटने से 80 वर्षीय वृद्ध की मौत हो गई।

हल्द्वानी-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग सहित पूरे कुमाऊं में दर्जनों रास्ते और सड़कें क्षतिग्रस्त होने से छोटे-बड़े वाहन जहां-तहां फंसे पड़े हैं। अल्मोड़ा जिले में कई पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने से पानी का संकट भी गहरा गया है। बिजली की लाइनों को भी नुकसान पहुंचने से कई गांवों में अंधेरा छा गया है।

अल्मोड़ा और नैनीताल जिले में बहने वाली रामगंगा नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है जबकि अन्य नदियां भी उफान पर हैं। लगातार जारी बारिश से दर्जनों मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।

नैनीताल जिले में हल्द्वानी-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग भवाली में मस्जिद तिराहे के पास धंसने से एनएच पर भारी वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। इस दौरान यहां एक ट्रक भी करीब डेढ़ सौ फुट गहरी खाई में गिर गया। ड्राइवर ने ट्रक से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई।

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डीएम दीपक रावत ने क्षतिग्रस्त सड़क की जांच करके एनएच में भारी वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया है। अल्मोड़ा और रानीखेत आने जाने वाले भारी वाहन अब वाया भीमताल होकर आ जा रहे हैं।

भवाली डिपो कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक एनएच में भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से बुधवार को नैनीताल-देहरादून, नैनीताल-रामनगर-देहरादून और नैनीताल-मसूरी बस सेवाओं पर असर पड़ा।

अल्मोड़ा जिले में बुधवार को भी सुबह करीब दस बजे से दोपहर तक जमकर बारिश हुई। मलबा आने से जिले की 35 आंतरिक सड़कें बंद हो गई। जिले में बारिश से अब तक 35 मकानों को नुकसान पहुंचने की खबर है। इनमें 24 मकानों को आंशिक और 11 मकान को भारी नुकसान हुआ है।

अल्मोड़ा जिले के ही चौखुटिया क्षेत्र में पिछले 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश से नदी नाले उफान पर हैं। अल्मोड़ा जिले में अधिकांश मोबाइल टावर और इंटरनेट सेवाएं ठप हो गई हैं। बागेश्वर जिले की गरुड़ तहसील क्षेत्र में दो दिन से हो रही बारिश के कारण ब्लॉक के 84 गांवों में ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त गया है।

लाहुर, गोमती घाटी के 24 से ज्यादा गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। भारी बारिश को देखते हुए एसडीएम ने पटवारियों को मुख्यालय में बने रहने के निर्देश दिए हैं।

पिथौरागढ़ जिले में जिले में बुधवार को लगातार तीसरे दिन बारिश जारी रही। मौसम विभाग के निदेशक डॉ. आनंद शर्मा ने बताया कि ताजा सिस्टम का असर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। गुरुवार से लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन अगले दो-तीन दिन में फिर से बारिश का क्रम शुरू हो जाएगा। कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह का कहना है कि धान की फसल के लिए यह बारिश बेहद फायदेमंद है।

ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-74 पर काशीपुर-जसपुर के बीच कुंडा-हेमपुर डिपो-प्रतापपुर सड़क ग्राम नवलपुर में ढेला नदी पुल किनारे बाढ़ के पानी से कट गया। करीब 50 गांवों का संपर्क गढ़ीनेगी कुंडा, काशीपुर से कट गया है। रामनगर से हरिद्वार देहरादून आने जाने वालों को अब काशीपुर होकर जाना पड़ेगा। जिससे करीब दस किमी दूरी बढ़ जाएगी।

रामनगर-मर्चुला नेशलन हाईवे-121 टूटा
भारी बारिश के चलते रामनगर-मर्चुला नेशनल हाईवे-121 पर गार्जिया मंदिर के पास हाईवे पहाड़ी नाले के तेज बहाव में बह गया। इससे यातायात बाधित हो गया है। क्षेत्र में पिछले दो दिनों से भारी बारिश हो रही है। इसके चलते आम जनजीवन प्रभावित हो गया है।

बुधवार को भारी बारिश के चलते रामनगर-मर्चुला नेशनल हाईवे-121 पर गार्जिया मंदिर के पास हाईवे पहाड़ी नाले के तेज बहाव में बह गया। देर रात एनएच के अधिकारियों ने वैकल्पिक मार्ग बनाकर रास्ते को चालू कर दिया है।

पिथौरागढ़ जिले में बारिश के चलते पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने परिवार के साथ बूंदी से धारचूला लौट रहे एक बच्चे की मौत हो गई। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर तवाघाट-सोबला सड़क का 20 मीटर हिस्सा बह गया है।

इसके चलते कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे पांचवें दल के शेड्यूल में बदलाव कर उन्हें नारायण आश्रम के स्थान पर पांगला-मांगती होते हुए गाला पड़ाव भेजना पड़ा। सड़क बंद होने से लगातार दो दलों के लिए ऐसी व्यवस्था करनी पड़ी है। भारी बारिश से कुमाऊं भर में कई जिलों की आंतरिक सड़कें टूट गई ।

चंपावत जिले में 11 मोटर मार्ग मलबा आने से पूरी तरह से बंद हो गए हैं। भिंगराड़ा में माधवानंद भट्ट का पक्का मकान जमींदोज हो गया। पीड़ित परिवार ने दूसरे लोगों के यहां शरण ली हुई है। चंपावत जिला आपदा कंट्रोल रूम के अनुसार अगले 24 घंटों में जिले में भारी बरसात की संभावना है।

बागेश्वर की कत्यूर घाटी में मलबा आने से आधा दर्जन से अधिक मोटर मार्ग और नैनीताल जिले में भी आठ आंतरिक सड़कें बंद हो गई हैं। गौला, नंधौर समेत कई नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है।

अल्मोड़ा जिले में भिकियासैंण तहसील में एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। मार-भीताकोट-सल्ट, पारकोट-जाख-बैनाली सड़क बंद हो गई है। जबकि मोतियापाथर में उफनाए नाले में दो मवेशी बह गए। यहां 15 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।

थल-मुनस्यारी सड़क पर कई दिनों बाद मंगलवार को डेढ़ घंटे के लिए बड़े वाहनों की आवाजाही हो पाई। यहां सोमवार से हरड़िया नाले के दोनों ओर करीब 15 बड़े वाहन फंसे थे। छोटे वाहनों के लिए भी सड़क थोड़ी देर खुलती है, फिर बंद हो जाती है। उधर, मुनस्यारी से मिलम जाने वाला पैदल रास्ता कई स्थानों पर टूट गया है।