मुख्यमंत्री ने फिर थपथपाई खुद की पीठ, फिर बोले- बारिश ने परीक्षा ली, हम पास हुए

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को एक बार फिर अपनी सरकार की पीठ थपथपाई। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर कहा कि बारिश ने हमारी तैयारियों की परीक्षा ली, जिसमें हम सफल रहे। इससे पहले भी रावत यही बात कह चुके हैं और इस पर उनकी जमकर आलोचना भी हो चुकी है।

इस दौरान उन्होंने कहा कि एक जुलाई में सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए पैदल यात्रा शुरू हो जाएगी। मंगलवार को बीजापुर हाउस में मुख्यमंत्री ने आपदाग्रस्त क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्यों व चारधाम यात्रा की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि चार एसडीएम स्तर के अधिकारियों की चारधाम यात्रा मार्ग में गोविंदघाट सहित अन्य संवेदनशील प्रमुख स्थलों पर तैनात किए जाएंगे।

उन्होंने कहा, गोविंदघाट में एसडीएम व घांघरिया में तहसीलदार तीन माह के लिए तैनात होंगे। इसी तरह से सोनप्रयाग-केदारनाथ, गोविंदघाट-हेमकुंड व जोशीमठ-बदरीनाथ के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारी यात्रा के दौरान तैनात होंगे। उन्होंने कहा कि गोविंदघाट में लोक निर्माण विभाग (PWD) के सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर स्तर के अधिकारी को पर्याप्त वित्तीय अधिकारों के साथ नियुक्त किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, मौसम व रास्तों की स्थिति के बारे में जानकारी देने वाले होर्डिंग लगाए जाएं। साथ ही यात्रियों को एसएमएस से मोबाइल पर मौसम संबंधी अपडेट देने की व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों में मलबा जमा होते रहने से नदियों का तल उथला होता जा रहा है, जिससे नदियां अधिक बारिश में अपना मार्ग बदल लेती हैं। इसलिए नदियों से मलबा निकाला जाना जरूरी है। इसके लिए आम जनता को भी जागरुक करना होगा।

इस दौरान उन्होंने कहा कि घांघरिया से गोविंदघाट तक व दारमा वैली में बाढ़ नियंत्रण के कार्य करने के निर्देश दिए। घांघरिया हेलीपेड पर डीएसपीटी की व्यवस्था की जाए। एसडीआरएफ व पुलिस के जवानों की संख्या बढ़ा दी गई है। संवेदनशील पुलों के पास स्थापित करने के लिए 15 ट्रालियों की व्यवस्था कर ली गई है। यात्रा मार्ग खोल दिए गए हैं।

बरसात से कुछ जगहों पर बंद रास्तों को खोला जा रहा है। बद्रीनाथ व गोविंदघाट में 4-4 हेलीकॉप्टर के लैंड करने की क्षमता है।