मानसून की आमद के साथ ही मसूरी से पर्यटकों का पलायन भी शुरू

मसूरी।… मानसून की दस्तक के साथ ही ‘पहाड़ों की रानी’ मसूरी में भी पर्यटकों की संख्या कम होने लगी है। पहाड़ों में मानसून के खराब अनुभवों से सहमे पर्यटक तेजी से मसूरी से घर वापसी करने लगे हैं।

जून का महीना बीतने के साथ ही मसूरी में बीते तीन महीनों से जारी पर्यटकों की भीड़ भी छंटने लगी है। असल में मानसून के खराब अनुभवों से खौफ खाए पर्यटक अब बरसात के सीजन में पहाड़ों से दूर रहने में ही भलाई समझ रहे हैं।

शायद यही कारण है कि हाल के समय तक जाम के झाम से बेहाल मसूरी में सोमवार को सड़कें खाली-खाली नजर आयीं। जो यात्री वाहन दिख भी रहे थे वे देहरादून की ओर लौट रहे थे। रविवार तक जहां मसूरी में होटलों के लिए मारामारी मची थी, वहीं सोमवार शाम तक ज्यादातर होटल खाली हो चुके थे।

बाजारों में अन्य दिनों के मुकाबले भीड़ कम दिखी। कहीं यात्रियों की चहलकदमी दिखी तो वह बस किंक्रेग-लाइब्रेरी-कैंपटी मार्ग पर। यहां कुछ समय के लिए जाम की सी स्थिति बनी, लेकिन दोपहर बाद यहां भी सब कुछ सामान्य हो गया।

लाइब्रेरी क्षेत्र स्थित एक होटल के जनरल मैनेजर राकेश भदोला का कहना है कि पर्यटकों की संख्या में गिरावट इतनी है कि बिजनेस एक ही दिन में तीस फीसदी पर पहुंच गया है। हालांकि, यात्रियों के लौटने से जाम के झाम से लोगों को मुक्ति मिल गई और पहाड़ों की रानी पर भी कुछ बोझ कम हुआ।

मसूरी के होटल व्यवसायियों की मानें तो मानसून के दौरान मीडिया राज्य की खतरनाक तस्वीर पेश कर रही है।