पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रही महिला की मौत

लिपूपास।… कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले यात्रीदल में शामिल दिल्ली निवासी एक महिला की लौटते समय चीन सीमा क्षेत्र में तबीयत खराब होने से मौत हो गई। कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने फोन पर बताया कि रविवार सुबह दिल्ली निवासी 54 वर्षीय वीना गुप्ता की अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण मौत हो गई।

मृतिका का शव अभी चीनी सरकार के पास है, उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने के कारण शव को हवाईमार्ग से नई दिल्ली नहीं लाया जा सका। दल के शेष 56 यात्री सकुशल भारतीय सीमा लिपूपास में प्रवेश कर गए। यात्री दल के एक सदस्य का स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण उन्हें चीन सीमा में प्रवेश करने से पहले ही वापस कर दिया गया था।

कैलाश मानसरोवर यात्रा हर साल इन्हीं दिनों संपन्न होती है। अत्यधिक ऊंचाई पर यात्रा संपन्न होने के कारण सभी श्रद्धालुओं का पहले दिल्ली और बाद में चीन सीमा में प्रवेश से पहले स्वास्थ्य जांच करानी होती है। मृतिका के भाई सुरेश गुप्ता ने दिल्ली से फोन पर बताया कि उनकी अविवाहित बहन अकेले ही पहली बार इस यात्रा पर गई थी।

12 जून को दिल्ली से शुरू हुई यात्रा के पहले दल ने उत्तराखंड में पिथौरागढ़ जिले अंर्तगत अंतरराष्ट्रीय चीन, नेपाल तथा तिब्बत से सटे धारचूला के पास स्थित समुद्रतल से 2734 मीटर की ऊंचाई वाले नारायण आश्रम से 76 किलोमीटर पैदल चलकर सिर्खा, गाला, बुदी, गुंजी, नाभीढांग, लिपूपास होते हुए चीन सीमा में 20 जून को प्रवेश किया था।

साल भर बर्फ से ढके रहने वाले समुद्रतल से 4590 मीटर की ऊंचाई स्थित कैलाश मानसरोवर यात्रा में पर साल लगभग एक हजार श्रद्धालु विभिन्न दलों के माध्यम से यात्रा करते हैं। इस साल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के बाद अरुणाचल होते हुए कैलाश जाने का दूसरा सुगम मार्ग चीन की सहमति से खोला जा चुका है।

अतिदुर्गम तथा विपरीत भूगौलिक पर्वतीय स्थितियों वाले मार्गो से होते हुए संपन्न होने वाली इस यात्रा में 1980 में 56 सदस्यीय यात्री दल सहित स्थानीय नागरिकों की इसी मार्ग में पड़ने वाले यात्री पड़ाव माल्पा में भूस्खलन के कारण मौत हो गई थी।