केदारनाथ यात्रा पर 30 जून तक रोक, हेमकुंड-बद्रीनाथ में फंसे हजारों यात्री

प्रशासन ने केदारनाथ की पैदल यात्रा 30 जून तक रोक दी है। इस अवधि में क्षतिग्रस्त रास्ते की मरम्मत की जाएगी। हालांकि, इस दौरान श्रद्धालु हेलीकॉप्टर से धाम जा सकेंगे। मौसम खुलने के बाद शनिवार को केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा फिर शुरू कर दी गई है।

शनिवार को गुप्तकाशी से 65 श्रद्धालु धाम पहुंचे। आगे भी गुप्तकाशी और फाटा से हेलीकॉप्टर सेवा चलती रहेगी। इससे पहले खराब मौसम के चलते पैदल यात्रा 26-27 जून को रोकी गई थी। बारिश के चलते 25 को भी यात्रा नहीं चल पाई थी।

उधर, बद्रीनाथ हाईवे लामबगड़ तक खुल जाने के बाद चमोली जिला प्रशासन ने तीर्थयात्रियों को बदरीधाम जाने की अनुमति दे दी है। हालांकि, जोशमीठ से आगे बद्रीनाथ की ओर लामबगड़ और बैनाकुली में मार्ग बंद होने के चलते तीर्थयात्रियों को साढ़े तीन किमी का सफर पैदल तय करना होगा।

बैनाकुली से बद्रीनाथ तक 13 किमी की यात्रा फिर वाहन से कर सकेंगे। बैनाकुली के बाद धाम तक रास्ता खुला है। चमोली के डीएम अशोक कुमार ने हेमकुंड साहिब की यात्रा भी 29 जून से शुरू होने की बात कही है। कहा गया है कि पैदल मार्ग पर पुलिया बह जाने के कारण हेमकुंड साहिब की यात्रा शुरू होने में अभी दो दिन का समय और लगेगा।

दो दिन पहले जोरदार बारिश से केदारघाटी में सोनप्रयाग-मुनकटिया पैदल मार्ग कई जगह क्षतिग्रस्त हो जाने के चलते आवाजाही मुश्किल से हो रही है। गौरीकुंड से केदारनाथ तक मार्ग भी एक-दो स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ है।

लोक निर्माण विभाग को तीन दिन में पैदल रास्ते की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में सोनप्रयाग से केदारनाथ पैदल मार्ग पर 30 जून तक यात्रियों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। सोनप्रयाग और गुप्तकाशी पुलिस को चौकस रहने को भी कहा गया है।

मालूम हो कि बुधवार रात से गुरुवार देर रात तक हुई जोरदार बारिश से सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच केदारनाथ राजमार्ग का 30 और 20 मीटर हिस्सा भी दो स्थानों पर नदी में समा गया है। इसके पुनर्निर्माण में कम से कम 10 दिन का समय लग सकता है। ऐसे में अब यात्रियों को सोनप्रयाग से ही पैदल जाना होगा। फिलहाल धाम और सोनप्रयाग से आगे पड़ावों पर कोई यात्री नहीं है।