बारिश एक टेस्ट थी और हमारी सरकार पास हुई है : हरीश रावत

मानसून की पहली बारिश से चारधाम यात्रा बाधित होने को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार का टेस्ट माना है। उन्होंने अपनी सरकार को इसमें पास करार दिया है। हालांकि, सुविधाओं में सुधार की गुंजाइश की बात जरूर स्वीकारी है।

पुल और सड़कें बहने से केदारघाटी, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब क्षेत्र में फंसे तीर्थयात्रियों के बारे में मुख्यमंत्री कहा कि यात्री फंसे नहीं हैं, बल्कि यात्रा नए सिरे से संचालित की जा रही है। यात्रा सुरक्षित है। कहा कि सरकार की पूरी तैयारी है और यात्रा जारी रहेगी।

24 और 25 जून को हुई बारिश के बाद तीन धामों केदारनाथ, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब में बड़ी संख्या में श्रद्धालु फंस गए हैं। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि भारी बारिश से यात्रा कुछ समय के लिए बाधित रही, लेकिन किसी भी जगह से यात्रियों के स्तर पर सुरक्षा, संवाद और सुविधा की शिकायत नहीं आई।

कहा कि पुल और सड़क मार्ग को सोनप्रयाग और लामबगड़ में अधिक नुकसान हुआ है, जो शनिवार सुबह तक दुरुस्त हो जाएंगे। अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा, अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा, आपदा प्रबंधन सचिव मीनाक्षी सुंदरम, लोक निर्माण विभाग के सचिव अमित नेगी सुबह केदारनाथ, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा की स्थिति का आकलन करने गए थे, जिन्होंने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को दे दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगोत्री और यमुनोत्री में यात्रा सुचारु है। केदारनाथ के लिए सोनप्रयाग के पुल को नुकसान पहुंचा है, जिसे शनिवार सुबह तक दुरुस्त कर लिया जाएगा। बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब के मार्ग पर कुछ जगह अधिक क्षति पहुंची है। छोटे-बड़े पांच पुल बहे हैं, लेकिन शनिवार सुबह यात्रा सुचारु हो जाएगी।