केंद्र के हवाले होगा गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, सैद्धांतिक मंजूरी मिली

डीम्ड विश्वविद्यालय गुरुकुल कांगड़ी हरिद्वार अब केंद्र सरकार के हवाले होने जा रहा है। विवि के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बीओएम) ने केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से भेजे गए संविधान संशोधन के मसौदे को मंजूरी दे दी है। लिखित संशोधन प्रस्ताव पर सभी सदस्यों के हस्ताक्षर होने हैं।

इसे मंजूरी मिलने के बाद गुरुकुल में आर्य प्रतिनिधि सभाओं का हस्तक्षेप नगण्य हो जाएगा और केंद्र के पास कुलपति से लेकर कुलाधिपति तक की नियुक्ति का अधिकार होगा।

गुरुकुल कांगड़ी विवि को मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन आने वाला विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) शत प्रतिशत अनुदान देता है। जबकि यहां का प्रबंधन हरियाणा, पंजाब और दिल्ली की आर्य प्रतिनिधि सभाओं के पास है। यूजीसी की ओर से डीम्ड विश्वविद्यालयों को संविधान संशोधन का एक प्रस्ताव भेजा था।

निर्धारित प्रारूप पर विश्वविद्यालयों के बीओएम को इस पर सहमति अथवा सहमति देनी थी। इसी प्रस्ताव को लेकर बुधवार की बीओएम के अध्यक्ष कुलपति डा. सुरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें 11 में से चार सदस्य अनुपस्थित रहे।

शिक्षक-कर्मचारियों के प्रतिनिधि के तौर पर रहे विशेष आमंत्रित सदस्य एवं मानविकी संकाय के डीन प्रो. श्रवण कुमार शर्मा ने कहा कि सभी सात सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर दिया है। अब प्रस्ताव को मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजा जाएगा।

दूसरी ओर कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार ने बताया कि बीओएम की बैठक की कार्रवाई को लिखित रूप दिया जा रहा है। इसके बाद इस पर सदस्यों के हस्ताक्षर कराए जाने हैं। उन्होंने कहा कि अभी कार्रवाई जारी है।