हे भगवान! ऐसे काम करते हुए इन्हें शर्म क्यों नहीं आती?

पिथौरागढ़-अल्मोड़ा मार्ग पर ध्याड़ी के पास पिछले दिनों हुई बस दुर्घटना के बाद एक ओर स्थानीय गांव वालों ने जान पर खेल कर घायल यात्रियों को अस्पताल पहुंचाया, वहीं पोस्टमार्टम के दौरान सरकारी ड्यूटी पर आए कुछ संदिग्ध लोगों ने शवों से जेवरात उतारकर मानवता को शर्मसार कर दिया। हे भगवान, इन्हें शर्म कब आएगी।

पुलिस ने मामले में कुछ संदिग्ध कर्मचारियों को हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार एक संदिग्ध ने जेवर उतारने की बात कबूल की है। पुलिस भी कुछ नहीं बता रही है।

हाल ही में 20 जून को ध्याड़ी के पास रोडवेज बस खाई में गिर गई थी। हादसे में 17 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल एक महिला यात्री ने हल्द्वानी में इलाज के दौरान सुशीला तिवारी अस्पताल में दम तोड़ दिया था। प्रशासन ने टीम भेजकर प्राथमिक अस्पताल धौलादेवी में ही पोस्टमार्टम कराया था।

इस दौरान दौरान पोस्टमार्टम टीम में शामिल कुछ चतुर्थ श्रेणी स्तर के कर्मियों ने शवों से जेवरात चुरा लिए। बताया जाता है कि पिथौरागढ़ निवासी एक मृत महिला के परिजनों ने कर्मचारियों के इस घिनौने काम की शिकायत एसपी केएस नगन्याल से की।

सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने मामले में संलिप्त कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। एक कथित आरोपी ने जेवरात चुराने की बात कबूल की है। पोस्टमार्टम के दौरान मृतकों के आभूषण उतारने की बात पता लगने से लोगों में आक्रोश है। लोगों ने मानवता को शर्मसार करने करने वाले कर्मचारियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।