लौह पुरुष ‘सरदार’ पटेल के साथी रहे स्वतंत्रता सेनानी चंद्र सिंह नेगी का निधन

लौह पुरुष कहे जाने वाले सरदार बल्लभ भाई पटेल के साथ स्वतंत्रता संग्राम में जान फूंकने वाले चंद्र सिंह नेगी का 105 साल की आयु में स्वर्गवास हो गया। स्व. नेगी ने आजादी की लड़ाई के दौरान गुलबर्गा और कराची की जेलों में यातनाएं झेली थीं। उनके निधन पर मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित तमाम अन्य नेताओं ने गहरा दुख प्रकट किया है। सोमवार को हरिद्वार में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

रविवार देर रात करीब ढाई बजे चंद्र सिंह नेगी ने अपने धर्मपुर स्थित आवास नेगी भवन में अंतिम सांस ली। स्व. नेगी के बेटे ईश्वर सिंह ने बताया कि उनके पिता स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश की दर्जनभर जेलों में बंद रहे थे। शुरुआत से ही वे सरदार बल्लभ भाई पटेल के साथ रहे।

गुलबर्गा सहित दो-तीन जेलों में चंद्र सिंह नेगी के बंदी रहने का रिकॉर्ड भी मिलता है। गुलबर्गा में वह छह महीने बंद रहे थे। ईश्वर सिंह ने बताया कि उनके पिता अक्सर बताते थे कि ब्रिटिश हुकूमत उन्हें पकड़वाकर जंगलों में फिंकवा देती थी। वहां से वे फिर वापस आ जाते थे।

भारत छोड़ो सहित अन्य आजादी के आंदोलनों में चंद्र सिंह नेगी आगे-आगे रहे हैं। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नेगी के निधन को अपूर्णनीय क्षति बताया।