बद्रीनाथ मार्ग हुआ खतरनाक, अलर्ट और आपात नंबर जारी…

चारधाम यात्रा अपने पूरे शबाब पर है। इस बीच बारिश व अन्य कारणों से बद्रीनाथ मार्ग की दरकती पहाड़ी से गिवईं स्रोत का रुख बदल गया है, इसके कारण इलाके के करीब 40 परिवारों के अस्तित्व को खतरा पैदा हो गया है।

मॉनसून दस्तक देने को तैयार है, ऐसे में अगर नदी उफान पर आई तो पहाड़ी का मलबा निचले इलाके में तबाही मचा सकता है। प्रशासन ने भारी बरसात के दौरान निचले इलाके के लोगों को सतर्क रहने का अलर्ट जारी किया है।

मॉनसून की पहली बारिश को देखते हुए तहसील भी प्रशासन सचेत हो गया है। क्षेत्र के नदी नाले उफनते ही एसडीएम ने गिवईं स्रोत का दौरा कर करीब चालीस परिवार चिह्नित कर उन्हें सचेत किया है। उन्होंने कहा कि नदी का रुख बदलने से जहां दूसरी ओर गाड़ी पड़ाव को खतरा पैदा हो गया है, वहीं निचली आबादी को भी खतरा पैदा हो सकता है।

दो महीने से लगातार खिसक रही इस पहाड़ी से जहां नदी का तल कई फीट ऊपर उठ गया है, वहीं पहाड़ी के ऊपर से गुजर रहे पुलिंडा-बल्ली मार्ग और लोनिवि कॉलोनी को भी खतरा पैदा हो गया है।

पिछले साल अगस्त में पहाड़ी क्षेत्र में आई आपदा के चलते गिवईं स्रोत उफान पर रहा, जिससे पहाड़ी का निचला हिस्सा कटाव की चपेट में आ गया। नीचे से कटाव और ऊपर पड़ी दरारों से पहाड़ी का मलबा नदी तल पर जमा हो गया है।

एसडीएम जीआर बिनवाल ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारियों की बैठक करके मॉनसून के चलते नदी किनारे बसे झुग्गी झोपड़ी वालों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। खासकर सुखरौ, खोह और मालन नदी के किनारे पर अवैध रूप से रह रहे लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से वहां से हटा दें। उन्होंने बताया कि तहसील में आपदा कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है। यहां फोन नंबर 01382-222154 पर सूचना दी जा सकती है।