अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : PM मोदी के संबोधन की 5 प्रमुख बातें

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर राजधानी दिल्ली के राजपथ पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां योग दिवस में भाग लेने आए हजारों लोगों को संबोधित किया। यहां पढ़ें मोदी के संबोधन की 5 प्रमुख और खास बातें…

  1. क्या कभी किसी ने सोचा होगा कि राजपथ भी योग-पथ बन सकता है। योग से आज दुनिया का कोई हिस्सा अछूता नहीं रहेगा। योग शरीर और मन को संतुलित करने का माध्यम और मानवता, प्रेम, शांति, एकता, सद्भाव के भाव को जीवन में उतारने का कार्यक्रम है।
  2. संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस संबंधी प्रस्ताव के सह-प्रस्तावक देशों और इस दिवस को मनाने वाले सभी देशों को धन्यवाद।
  3. जहां सूरज जाएगा, वहां योग अभ्यास मौजूद होगा, ये संदेश आज दुनिया में पहुंच चुका है। योग जीवन की दिनचर्या का हिस्सा है। हम सभी को शांति के मार्ग पर आगे बढ़ना है।
  4. मानव विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। विकास हो रहा है, कहीं ऐसा न हो कि इंसान वहीं का वहीं रह जाए। जरूरी है कि मानव का आंतरिक विकास हो। विश्व में मानव विकास में तमाम देशों के लोगों ने योगदान दिया है।
  5. ज्यादातर लोग योग को अंग मर्दन (एक्सर्साइज) का काम समझते हैं। यह सही नहीं है, शरीर को मोड़ना ही योग नहीं है… अगर ऐसा होता तो सर्कस में काम करने वाले योगी कहलाते।