‘उत्तराखंड को भारत की योग राजधानी बनाने के लिए सुनहरा मौका है योग दिवस’

योग को ‘‘शारीरिक एवं बौद्धिक शुद्धता प्राप्त करने का सबसे शक्तिशाली माध्यम’’ बताते हुए उत्तराखंड के राज्यपाल के के पॉल ने शनिवार को लोगों से योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए कहा।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर राज्य की जनता को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह संपूर्ण स्वास्थ्य प्रणाली है जो लोगों को ध्यान केन्द्रित करने और आत्मनियंत्रण, धय, करूणा और अनुशासन जैसे गुणों के विकास में मदद करता है।

उन्होंने लोगों से योग को किसी विशेष धर्म से नहीं जोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि लोगों को योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनान चाहिए और प्रयास करने चाहिए कि पूरा विश्व इसे बेहतर तरीके से समझे।

राज्यपाल ने कहा, ‘पूरा विश्व आज योग के वैज्ञानिक प्रभाव को पहचानता और स्वीकारता है जो भारत की संस्कृति, सभ्यता और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा है।’’ पॉल ने कहा कि उत्तराखंड वह भूमि है जहां योग परंपरा का जन्म हुआ है और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस इस राज्य को ‘‘भारत की योग राजधानी’’ बनाने का सुनहरा अवसर है।