सुषमा स्वराज ने कैलाश मानसरोवर यात्रा को दिखाई हरी झंडी, नए मार्ग के जरिए जाएंगे तीर्थयात्री

पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी की मदद करने को लेकर चल रहे विवादों के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को कैलाश मानसरोवर जा रहे यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विवादों में पड़ने के बाद सुषमा का ये पहला सार्वजनिक कार्यक्रम रहा। इस मौके पर उन्होंीने कहा कि भारत चीन का आभारी है कि कैलाश मानसरोवर जाने वाले मोटरेबल रास्तेा को खोल दिया है।

तीर्थयात्री नए मार्ग नाथू ला दर्रे के जरिए कैलाश मानसरोवर की यात्रा करेंगे। उत्तराखंड में लिपुलेख दर्रे के जरिए होने वाली यात्रा के मौजूदा रास्ते की तुलना में समुद्र तल से 4,000 मीटर की उंचाई पर स्थित हिमालय का नाथू ला दर्रा भारतीय तीर्थयात्रियों, खासकर बुजुर्गों के लिए बसों के जरिए अधिक आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करेगा।

सुषमा ने कहा, ‘मैं आज कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों के जत्थे को झंडी दिखाकर दो कारणों से खुश हूं। पहला, यह कि मैंने बुजुर्ग लोगों को यात्रा करने में सक्षम बनाने का पिछले साल जो वायदा किया था, वह पूरा हो रहा है और दूसरा यह कि मुझे इन लोगों के चेहरों पर खुशी दिखाई दे रही है जो अन्यथा यात्रा करने में सफल नहीं होते।’

सुषमा ने कहा, ‘जब मैंने विदेशमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था तो मैंने वायदा किया था कि हम कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए एक वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के लिए चीन से चर्चा कर रहे हैं जो पूरी तरह वाहनचालित होगा।’

उन्होंने कहा कि सरकार तीर्थयात्रियों की गतिविधि पर नजर रखेगी, ताकि जरूरत पड़ने पर मदद उपलब्ध कराई जा सके। तीर्थयात्रियों के साथ दो अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि इस जत्थे में बुजुर्ग लोग चीन का धन्यवाद करेंगे क्योंकि अन्यथा वे इस अनुभव से वंचित रहते।’

मौजूदा रास्ते के जरिए कुल 18 जत्थे कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाएंगे। प्रत्येक जत्थे में करीब 60 तीर्थयात्री होंगे। नए मार्ग के जरिए पांच जत्थे कैलाश मानसरोवर पहुंचेंगे। प्रत्येक जत्थे में 50 तीर्थयात्री होंगे।