मोदी सरकार ने दी उत्तराखंड को सौगात, पहाड़ों में बनेंगे 3 नए महत्वपूर्ण हाईवे

उत्तराखंड में तीन नए राष्ट्रीय राजमार्ग बनने का रास्ता साफ हो गया है। माना जा रहा है कि इन राजमार्गों के बनने से पर्वतीय क्षेत्रों के विकास का रास्ता न सिर्फ खुलेगा, बल्की रफ्तार भी पकड़ेगा।

राजमार्ग बनने से चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों और सैलानियों का सफर सुहाना और सुरक्षित होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने उत्तराखंड में 458 किमी लंबाई के तीन राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए जाने को हरी झंडी दे दी है। इनका निर्माण केंद्र सरकार अपने पैसे से कराएगी। इसमें राज्य सरकार की ओर से कोई खर्च नहीं होगा।

केंद्र सरकार ने इन परियोजनाओं की अधिसूचना मार्च में जारी की थी, इसके बाद मई में ब्योरा मांगा गया था, जो राज्य सरकार ने भेज दिया है। तीनों राष्ट्रीय राजमार्गों में सबसे बड़ा राजमार्ग त्यूणी-मसूरी-देहरादून से टिहरी होता हुआ मलेथा तक बनेगा।

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सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण अक्सर हादसों के कारण फिलहाल इस रास्ते को बेहद खतरनाक माना जाता है। लेकिन अब जो राष्ट्रीय राजमार्ग बनेगा, उसमें सुरक्षा के सारे मानक अपनाए जाएंगे। ताकि हादसों का खतरा कम से कम हो। रास्ता चौड़ा होने से बड़े वाहन भी आसानी से आ-जा पाएंगे।

गढ़वाल मंडल क्षेत्र में आने वाला त्यूणी-मलेथा राजमार्ग तीनों राजमार्गों में सबसे लंबी दूरी का है। इस राजमार्ग के बनने से त्यूणी का एनएच-72 और मलेथा का एनएच-58 एक-दूसरे से जुड़ जाएंगे। इससे आवाजाही बहुत आसान हो जाएगी।

दूसरे राष्ट्रीय राजमार्ग छोटी दूरी के हैं। ये कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में बनेंगे। तीनों राष्ट्रीय राजमार्ग टू-लेन के होंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय के नोटिफिकेशन करने के बाद लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने सारा ब्योरा केंद्र को भेज दिया है।

जानें कहां बनेंगे ये राष्ट्रीय राजमार्ग
एनएच – 707 ए
लंबाई – 310 किमी
त्यूणी स्थित एनएच 72 से जुड़कर चकराता, मसूरी, चंबा, न्यू टिहरी, गंडोलिया होता मलेथा में एनएच 58 से जुड़ेगा

एनएच – 309 बी
लंबाई – 76 किमी
अल्मोड़ा से पनार, रामेश्वर तक जाएगा

एनएच 7
लंबाई – 72 किमी
पिथौरागढ़ से असकोट तक जाएगा

क्या है वर्तमान स्थिति
इस समय उत्तराखंड में विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर चार सौ करोड़ रुपये से कार्य चल रहे हैं। तीन सौ किमी राजमार्गों पर काम हो रहा है।