मेडिकल दाखिले में दलाली: पुलिस की वर्दी दागदार, एसपी को हटाया गया

खाकी वर्दी के दागदार होने की खबरें अक्सर ही आती रहती हैं। मेडिकल में दाखिले के दलालों से पुलिस कर्मचारियों की साठगांठ के कारण एक बार फिर खाकी दागदार हो गई है। जांच में बरामद राशि कम दर्शाने की बात भी सामने आई है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत की नाराजगी के बाद मंगलवार रात पुलिस अधीक्षक देहात मणिकांत मिश्रा को हटाकर पीएचक्यू से संबद्ध कर दिया गया। जांच रिपोर्ट में मिश्रा की कार्यशैली पर कई सवाल उठाए गए हैं। एसओजी से जुड़े पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

एसआईटी प्रभारी सदानंद दाते की रिपोर्ट की आंच में एसओजी के साथ एसपी देहात मणिकांत मिश्रा भी झुलस गए हैं। पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने एसआईटी प्रभारी सदानंद दाते के साथ जांच रिपोर्ट को लेकर सोमवार रात को मंथन किया था। मंगलवार को तथ्यों के आधार पर कार्रवाई के लिए सरकार को रिपोर्ट भेजी गई।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने फर्जीवाड़े के संबंध में अधिकारियों और पुलिस की भूमिका पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। देर रात सरकार ने मणिकांत मिश्रा को हटाकर उनकी जगह जीसी ध्यानी को तैनात कर दिया है। ध्यानी पहले भी एसपी देहात रह चुके हैं। रिपोर्ट के आधार पर एसओजी के पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए देहरादून के एसएसपी को कहा गया है। जांच रिपोर्ट में ठगों से साठगांठ की पुष्टि हो गई है।

साफ हुआ कि बरामद रकम को कम करके दर्शाया गया है। डीजीपी ने बताया कि दोष निर्धारण के लिहाज से बुधवार तक दोषी पाए गए पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई सामने आ जाएगी। गृहमंत्री प्रीतम सिंह का कहना है कि मेडिकल में दाखिले की दलाली के संबंध में आई रिपोर्ट के आधार पर एसपी देहात मणिकांत मिश्रा को हटाकर उनके स्थान पर अभिसूचना इकाई के अपर पुलिस अधीक्षक जीसी ध्यानी को भेजा गया है।

पीजी कोर्स ठगी प्रकरण में जौलीग्रांट मेडिकल कॉलेज के मुख्य अकाउंटेंट ने मंगलवार को एसआईटी ऑफिस जाकर बयान दर्ज कराए हैं। अब तक कॉलेज के पांच लोग बयान दर्ज करा चुके हैं।