मुख्यमंत्री हरीश रावत ने की जेटली से मुलाकात, विशेष दर्जा जारी रखने पर बात

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की। उन्होंने जेटली के सामने राज्य का विशेष दर्जा बरकरार रखते हुए योजनाओं के लिए अधिक पैसे का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 14वें वित्त्त आयोग की संस्तुतियों के लागू होने के बाद से राज्य को फायदे के बजाय नुकसान हुआ है। 2015-16 में ही यह नुकसान करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपये तक का है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त आयोग के अनुसार राज्य को लगभग 1300 करोड़ रुपये का लाभ हो रहा है, जबकि अन्य केंद्र पोषित योजनाओं में तीन हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।

विशेष राज्य होने के कारण अब तक उत्तराखंज को 90:10 के अनुपात में अनुदान मिलता है। केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा 1315 करोड़ रुपये है, जबकि इसे करीब 2800 करोड़ रुपये होना चाहिए। केंद्रीय योजनाओं में कटौती होने से करीब 1400 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 13वें वित्त आयोग का करीब 140 करोड़ रुपये भी राज्य को जल्द मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री के मुताबिक 2010 तक विशेष औद्योगिक पैकेज के कारण राज्य की विकास दर अधिक रही। पर अब विकास दर प्रभावित हुई है। ऐसे में राज्य को विशेष राज्य के तहत अवस्थापना विकास के लिए अतिरिक्त सहायता मिलनी चाहिए। जून 2013 की आपदा के कारण भी राज्य का विकास खासा प्रभावित हुआ है।

पर्यटन, राजस्व आदि को भारी नुकसान पहुंचा है। 14वें वित्त आयोग ने भी कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण उत्तराखंड में अवस्थापना विकास की लागत ज्यादा है। राज्य के सीमित संसाधनों, वित्तीय स्थिती और राज्य को विशेष श्रेणी की जरूरत को देखते हुए योजना सहायता का पुराना तरीका जारी रखने या फिर नीति आयोग के फ्लैक्सी फंड के जरिए क्षतिपूर्ति करने का भी आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्र से अर्धकुंभ के लिए स्वीकृत की गई 500-600 करोड़ रुपये की सहायता जल्द जारी करने का आग्रह किया। बताया गया कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने इस राशि को जल्द जारी करने का आश्वासन दिया है।