बांधों को भूकंप से बचाने के लिए ऐसा बंदोबस्त आपने नहीं देखा होगा

उत्तराखंड से लेकर कश्मीर घाटी तक पहाड़ों में बने बांधों में भूकंप से बचाव के लिए बड़ा बदलाव किया जा रहा है। इन बांधों में रिकॉर्डर लगाकर जमीन के भीतर चल रही गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जाएगा। रिकॉर्डरों में कैद होने वाली भूगर्भ की गतिविधियों का पता चलने पर बांधों की सुरक्षा की जाएगी। बांधों में अति अत्याधुनिक रिकार्डर लगाने का काम वाडिया इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने शुरू भी कर दिया है।

नेपाल में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं, ऐसे में पर्वतीय राज्यों में सबसे पहले बांधों को सुरक्षित किया जा रहा है। बांधों के टूटने से बड़े पैमाने पर जान और माल पर खतरा रहता है।

सबसे पहले यह काम कश्मीर घाटी से शुरू किया गया। घाटी में बीते साल आई बाढ़ से बड़ी तबाही हुई थी। इस वक्त वहां बांधों के पुनर्निर्माण का काम चल रहा है।

बांधों में रिकॉर्डर लगाए जाने के साथ भूकंप से बचाव के लिए दूसरे अत्याधुनिक उपकरण भी लगाए जा रहे हैं। वाडिया इंस्टीट्यूट के भू-भौतिकी समूह के अध्यक्ष सुशील कुमार का कहना है कि वैज्ञानिकों की टीम ने कश्मीर में काम शुरू कर दिया है।

बांधों में ब्रॉड बैंड सीइसमिसकोग्राफ के साथ दूसरे उपकरण लगाए जा रहे हैं। इसमें भूगर्भ की सारी गतिविधि रिकॉर्ड हो जाएगी। कश्मीर के बाद उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तथा सेवन सिस्टर्स कहे जाने वाले पूर्वोत्तर के राज्यों में इन उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा।