बेहद निजी यात्रा पर उत्तराखंड पहुंची स्मृति ने किए गंगोत्री-यमुनोत्री के दर्शन

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी शनिवार को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम पहुंची। पति जुबिन ईरानी के साथ यहां पहुंचकर स्मृति ने पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने तीर्थ पुरोहितों से बातचीत कर क्षेत्र की समस्याएं जानी और उनके निस्तारण का भरोसा भी दिलाया।

स्मृत‌ि ईरानी और उनके पति जुब‌िन ईरानी शनिवार सुबह करीब दस बजे हेलीकॉप्टर से हर्षिल पहुंचे। इसके बाद वे कार में सवार होकर गंगा धाम पहुंचे। उन्होंने गंगोत्री मंदिर एवं गंगा भागीरथी के मुख्य घाट पर पूजा-अर्चना की।

मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष रजनीकांत सेमवाल व पूर्व अध्यक्ष संजीव सेमवाल ने उनकी पूजा करवाई। गंगोत्री में करीब एक घंटे रुकने के दौरान उन्होंने तीर्थ पुरोहितों से क्षेत्र की समस्याएं जानी।

तीर्थ पुरोहितों ने उनसे हर्षिल में केंद्रीय विद्यालय की मांग की। स्मृति ने राज्य सरकार या सेना की ओर से प्रस्ताव आने पर त्वरित कार्रवाई की बात कही। साथ ही उन्होंने अपनी ओर से मुखबा में वेद पाठशाला खोलने की इच्छा भी जताई। वो चाहती हैं कि बच्चे वेदों को जानें और समझें।

इसके बाद वे एक बार फिर हेलीकॉप्टर में सवार हुईं और खरसाली पहुंची। वहां से स्मृति पालकी में यमुनोत्री धाम पहुंची। धाम में मंदिर समिति के सचिव पुरुषोत्तम उनियाल, मनमोहन, प्रदीप, पंच पंडा समिति के अध्यक्ष भागेश्वर उनियाल, रमण प्रसाद आदि ने उनकी पूजा-अर्चना कराई। यमुनोत्री में स्नान घाट निर्माण की मांग पर उन्होंने तीर्थ पुरोहितों को दिल्ली आने का भी न्योता दिया।

केंद्रीय मंत्री का यह बेहद निजी दौरा था। इसके बारे में स्थानीय प्रशासन एवं पार्टी संगठन को कोई जानकारी नहीं थी। सार एविएशन कंपनी ने हर्षिल स्थित हिमालय नेचर रिसॉर्ट के मैनेजर राजीव रावत को उनके गंगोत्री तक आने-जाने के लिए वाहन की व्यवस्था का जिम्मा सौंपा था।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गंगोत्री धाम में तो तीर्थ पुरोहितों तथा तीर्थयात्रियों के साथ फोटो खिंचवाई, लेकिन यमुनोत्री यात्रा के दौरान उन्होंने फोटो खिंचवाने से भी परहेज किया। यहां उन्होंने इसे अपना निजी दौरा बताते हुए फोटो खींचने वालों को मना कर दिया। पांच किमी पैदल रास्ते पर भी उनका चेहरा चुन्नी से ढका रहा।

गंगोत्री दौरे में उनके साथ रहे राजीव ने बताया कि यहां के प्राकृतिक सौंदर्य एवं स्वच्छ आबोहवा से केंद्रीय मंत्री काफी खुश नजर आईं। यमुनोत्री पहुंचने की भनक लगते ही भाजपाई लौटने पर उनके स्वागत के लिए जानकीचट्टी में इकट्ठा हो गए। खरसाली में ही उन्होंने रात को विश्राम किया।