‘आपदा के दो साल बाद आज भी केदारनाथ में शव बिखरे पड़े हैं’

देहरादून। आपदा राहत खर्च में घोटालों को लेकर सरकार पर हमला बोल चुके पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार से बीजेपी के सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने शनिवार को केदारनाथ धाम पहुंचकर वहां के हालात का जायजा लिया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ में आज भी भवनों के अंदर दो साल से पड़ी लाशों को हटाया नहीं गया है। इनमें अधिकतर तीर्थ पुरोहितों के परिजन हैं। उन्होंने इस मामले में मुख्य सचिव एन. रविशंकर के साथ फोन पर बात भी की।

केदारनाथ रवाना होने से पहले शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद निशंक ने आपदा राहत घोटाले को लेकर राज्य सरकार को निशाने पर लिया था। सीएजी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष की 460 करोड़ की राशि के खर्च का ब्योरा सरकार से मांगा।
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निशंक ने आपदा के दौरान हेलीकाप्टर उड़ानों में भी घोटाले का आरोप लगाया था। शनिवार को केदारनाथ पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री निशंक ने वहां का मुआयना किया। एक बयान जारी कर उन्होंने कहा कि तीर्थ-पुरोहितों और स्थानीय लोगों ने केदारनाथ में क्षतिग्रस्त भवनों में शव होने की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि बांकेलाल बग्वाड़ी का पूरा परिवार मकान के अंदर मलबे में दफन है और लाशें साफ दिखाई दे रही हैं, लेकिन सरकार ने उन लाशों को बाहर निकालने की जहमत तक नहीं उठाई।

पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद ने कहा कि केदारनाथ के स्थानीय लोगों और पुरोहित समाज के साथ सरकार अन्याय कर रही है, इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से बात की कोशिश की गई, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने मुख्य सचिव से बात करके तीर्थ-पुरोहितों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उन्हें मुआवजा देने और शवों को तत्काल बाहर निकालने की कार्यवाही को कहा।

निशंक ने कहा कि एक ओर सरकार चार धाम यात्रा के सफल संचालन का दावा कर रही है, लेकिन मौके पर स्थिति बिल्कुल उलट है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ त्रासदी में अपनों को खो चुके लोगों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।