मणिपुर में सेना पर हमला और 19 जवानों की हत्या ऑपरेशनल फेलियर : गृह मंत्रालय

मणिपुर के चंदेल जिले के जिस हमले में उग्रवादियों ने सेना के 18 जवान मार दिए उसे केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘ऑपरेशनल फेलियर’ करार दिया है।। एक निजी समाचार चैनल के मुताबिक ये शुरुआती जांच में प्रक्रियागत नाकामी का मामला लग रहा है। काफ़िले के रवाना होने से पहले नियम के अनुसार सड़क साफ़ करने वाली पार्टी नहीं भेजी गई थी।

एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि कई इनपुट्स थे, जो सेना से बांटे भी गए थे लेकिन इसके बावजूद यह हमला हुआ। यहां तक कि मई महीने की आखिर में मल्टी एजेंसी मीटिंग में भी इस पर चर्चा हुई थी।

अब गृह मंत्रालय में इस बात पर दोबारा ज़ोर दिया जा रहा है कि भारत-म्यांमार सीमा पर पहरा कैसे कड़ा किया जाए। फिलहाल वहां असम राइफल्स तैनात है, लेकिन अब वहां बीएसएफ को भेजने की बात हो रही है।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि असम राइफल्स सीमा पर भी पहरा देती है और काउंटर इंसर्जेंसी ऑपरेशंस भी करती है। दोनों मुमकिन नहीं है, इसलिए सीमा को सुरक्षित करने के लिए बीएसएफ को कहा जा रहा है।

फिलहाल मणिपुर में असम राइफल्स की 11 बटालियन तैनात हैं। इस हमले की जांच का काम राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हवाले कर दिया गया है।