योग गुरु बाबा रामदेव के प्रतिष्ठानों की सुरक्षा अब सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) करेगी। इसके तहत पहले चरण में पदार्था गांव स्थित पतंजलि हर्बल फूड पार्क के लिए 35 जवानों की तैनाती शुक्रवार को कर दी गई है। देश में पतंजलि तीसरा निजी संस्थान है जिसे सीआईएसएफ की सुरक्षा मिली है।
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हर्बल फूड पार्क परिसर में ही बाबा रामदेव के करीब 45 औद्योगिक प्रतिष्ठान हैं। इनकी और इनके अन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का जिम्मा अब तक निजी सुरक्षा कंपनी ट्रिग सिक्योरिटी और एसआईएस सिक्योरिटी के अधीन थी। लेकिन 27 मई को फूड पार्क में हुई हिंसक झड़प के बाद बाबा रामदेव ने अपने सभी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए केंद्र से सीआईएसएफ की मांग की थी। केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद सीआईएसएफ कर्मियों के वेतन का एक बड़ा हिस्सा पतंजलि चुकाएगी।

गुजरात की रिलायंस पेट्रो एंड केमिकल लिमिटेड और कर्नाटक की इन्फोटैक कंपनी को सीआईएसएफ की सुरक्षा पहले से ही मिली हुई है। अब बाबा पतंजलि देश का तीसरा ऐसा प्रतिष्ठान बन गया है जिसकी सुरक्षा सीआईएसएफ करेगी। उम्मीद की जा रही है कि अगले चरण में कुछ और सीआईएसएफ कर्मी बाबा के प्रतिष्ठानों में तैनात किए जाएंगे।

पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि हमारे प्रतिष्ठान केवल हमारे नहीं हैं। इनका राष्ट्र के निर्माण में बड़ा योगदान है। देशवासियों को उत्तम स्वास्थ्य उपलब्ध कराने के लिए प्रतिष्ठानों की सुरक्षा जरूरी है। हाल के घटनाक्रम से स्थानीय पुलिस प्रशासन की हकीकत सामने आई है। अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल इन प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करेगी।

केंद्र सरकार के हरिद्वार स्थित महारत्न प्रतिष्ठान भेल की सुरक्षा भी अब सीआईएसएफ करेगी। पहले भेल की अपनी सुरक्षा कंपनी थी। लेकिन कुछ दशक पहले प्रतिष्ठान में हुए संघर्ष के बाद निजी सुरक्षा कंपनी के कर्मियों को भेल में विलीन कर दिया था। तब से सीआईएसएफ की एक यूनिट भेल की सुरक्षा का दायित्व निभा रही है।