मानसरोवर यात्रा पर कुमाऊं की वादियों में मिलेगा इडली-डोसा और पोहा

कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) ने इस साल कैलाश-मानसरोवर यात्रा के मौके पर तीर्थयात्रियों के के खान-पान में वह सभी व्यंजन शामिल किए हैं, जो स्थानीय स्तर पर उत्पादित होते हैं। इसके अलावा चीन बॉर्डर के पास गुंजी में पहुंचने पर तीर्थ यात्रियों को दक्षिण भारतीय व्यंजन परोसे जाएंगे।

इस उच्च हिमालयी क्षेत्र में शरीर के तापमान के साथ ही पाचन क्षमता को सही बनाए रखने वाले व्यंजन उन्हें खिलाए जाएंगे। कैलाश-मानसरोवर यात्री स्थानीय ‘रं समाज’ के व्यंजनों का भी भरपूर स्वाद ले पाएंगे।

केएमवीएन के मंडलीय प्रबंधक (पर्यटन) डीके शर्मा के अनुसार गुंजी में पर्यटक दो दिन ठहरते हैं। इस बार गुंजी में मानसरोवर यात्री दक्षिण भारतीय व्यंजन इडली, डोसा, सांभर और पोहा का लुत्फ ले सकेंगे। उन्हें जगह-जगह कुमाऊंनी व्यंजन भी परोसे जाएंगे।

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खासकर डीडीहाट में झुंगर की खीर यात्रियों को परोसी जाएगी, और कुटी में उन्हें रं समाज में ‘ज्या’ (मरज्या) नाम से प्रसिद्ध विशेष प्रकार की चाय पिलाई जाएगी। यह चाय ठंडे इलाकों में शरीर का तापमान बनाए रखने में काफी फायदेमंद होती है।

केएमवीएन के सभी रसोईये को दक्षिण भारतीय व्यंजन और रं समाज में बनाए जाने वाले व्यंजनों की ट्रेनिंग दी गई है।