राजधानी दिल्ली, केरल सहित कई राज्यों में बिक्री पर रोक के बाद अब उत्तराखंड में भी मैगी नूडल्स की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। जांच में मैगी का एक नमूना फेल होने के बाद उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने मैगी की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाने का फैसला लिया।

अब सभी जिलों के नमूनों की जांच स्टेट ड्रग्स एंड फूड टेस्टिंग लैब रुद्रपुर से पूरी होने तक राज्यभर में मैगी की बिक्री नहीं होगी। मंगलवार को पौड़ी जिले की एक दुकान से मैगी का नमूना लिया गया था, जिसे जांच के लिए रुद्रपुर लैब भेजा गया था। सैंपल की जांच में निर्धारित मात्रा से अधिक लेड (शीशा) और मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) पाया गया। राज्य में मैगी का सैंपल फेल होने की खबर मिलते ही सरकार और प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गए।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक (पैकेजिंग एंड लेबलिंग) एक्ट 2011 के तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलने से बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया गया।

ज्ञात हो कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसए) ने उत्तर प्रदेश में मैगी के सैंपल की जांच रिपोर्ट को आधार बनाते हुए सभी राज्यों को नूमने जांचने के दिशानिर्देश जारी किए हैं। केंद्र के निर्देश पर उत्तराखंड में सभी जिलों से 50 से ज्यादा नमूने जांच के लिए रुद्रपुर लैब में भेजे हैं। नमूने की जांच में एक से डेढ़ हफ्ते का समय लग सकता है।

स्वास्थ्य सच‌िव ओम प्रकाश का है कहना कि स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर मैगी की बिक्री राज्य में रोकने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। एक सैंपल फेल हुआ है जबकि कुछ सैंपलों की प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। अग्रिम आदेशों तक मैगी की बिक्री प्रदेश में नहीं होगी।