सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण टनकपुर-पिथौरागढ़ सड़क होगी चौड़ी

पड़ोसी देश चीन ने भारतीय सीमा तक सड़कों का जाल बिछा दिया है, लेकिन हमारी तरफ उस तेजी से सड़कें नहीं बन सकी, अब भारत भी चीन की बराबरी करने की तैयारी कर चुका है।

अब चीन और नेपाल दोनों सीमाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग को ‘टू लेन’ करने की योजना बनाई गई है, ताकि इससे गाड़ियों का मूवमेंट तेज हो सके। सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में एनएच को डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने को कहा है।

सामरिक दृष्टि से टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग महत्वपूर्ण है। अभी इस मार्ग की कुल चौड़ाई 5.5 मीटर है। इस मार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। अब इस सड़क को बेहतर करने की कोशिश की जा रही है ताकि सड़क पर तेजी से और बड़े वाहन भी आसानी से चल सकें। इसके लिए मार्ग को 10 मीटर चौड़ा कर टू-लेन करने की योजना है।

सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर सीएस जोशी का कहना है कि टनकपुर से चंपावत तक तो सड़क की चौड़ाई करीब टू-लेन तक है, लेकिन आगे सड़क संकरी है। विभाग करीब 150 किमी मार्ग को टू-लेन करेगा।

इस संबंध में डीपीआर जल्द बनाने का काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस काम में वन भूमि हस्तांतरण संबंधी कोई दिक्कत भी नहीं आएगी, क्योंकि पूर्व की संस्था बीआरओ को वन विभाग से अनुमति मिल चुकी है।

एनएच में लोहाघाट में नया बाईपास बनेगा। इससे शहर में वाहनों का दबाव भी कम होगा। अधिकारियों के अनुसार यह बाईपास लोहावती नदी से किनारे से मधोड़ तक बनाया जाएगा। इसके अलावा चंपावत बाईपास का डामरीकरण और बेहतर किया जाएगा। पिथौरागढ़ के बाईपास के अधूरे कार्य को पूरा करने को भी हरी झंडी मिल गई है।