मुख्यमंत्री ने की पर्वतीय उत्पादों को पहचान दिलाने की पहल, सिलोर में बनेंगे हर्बल गांव

चमड़खान।… मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पर्वतीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने और खेती व पानी बचाने के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने मडुवा, चौलाई, नींबू आदि लगाने वाले महिला समूहों को इलेक्ट्रिक ओखल मुहैया कराने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने नाशपाती के पौधे लगाने पर तीन साल में 300 व अखरोट पर 400 रुपये बोनस का ऐलान किया। कहा कि उत्पाद खरीद की व्यवस्था सरकार खुद करेगी। इसके अलावा सौनी, पंतगांव, ज्यूला आदि गांवों को हर्बल गांव बनाने की घोषणा भी की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा, खेती चौपट होने से प्राकृतिक स्रोत भी सूख रहे हैं। ‘खेती बचाओ, पानी बचाओ’ व ‘खेत जोतो सीर फोड़ो’ का नारा देते हुए हरीश रावत ने कहा कि बालिकाओं के लिए पुलिस में 30 व पीआरडी में 25 फीसद रिजर्वेशन दिया जाएगा।

पूर्व विधायक करन माहरा के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कई जनसमस्याएं निपटाई व तीन दर्जन से ज्यादा योजनाओं को स्वीकृति भी दी। इससे पहले हरीश रावत का जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान औद्योगिक सलाहकार रणजीत सिंह रावत, ब्लॉक प्रमुख रचना रावत, मंडल अध्यक्ष बचे सिंह देव, चंदन सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।