संस्कृति के विकास के लिए सांस्कृतिक महोत्सवों को बढ़ावा देना जरूरी : CM

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रानीखेत में सेना के नर सिंह मैदान में गुरुवार को ग्रीष्मोत्सव का उद्घाटन किया। 13 साल बाद फिर शुरू हुए इस महोत्सव का थीम हिसालु (एक प्रकार की रसबेरी) है। इस महोत्सव की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृति के संवर्धन के लिए महोत्सवों का आयोजन बेहद जरूरी है। इसीलिए सरकार ने ऋषिकेश और जागेश्वर में इस साल दो बड़े सांस्कृतिक मेलों का आयोजन किया है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृति को पर्यटन से जोड़ने की पहल की जाएगी। लोगों को भी सामूहिक भागीदारी कर इनके अस्तित्व को बचाने की पहल करनी चाहिए। हरीश रावत ने कहा कि संस्कृति आजीविका का बड़ा साधन बन सकती है। इसलिए पर्यटन विकास के लिए सरकार योजना बना रही है।

रानीखेत की सुंदरता को बचाने के लिए उन्होंने इस कैंट सिटी को मॉडल टाउन के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया। जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए भी योजना बनाई जा रही है।

मुख्यमंत्री आए, घोषणाओं का पिटारा लाए…
– रानीखेत में ठंडी रोड का सुधार होगा।
– डामरीकरण लिए 50 लाख रुपये दिए
– प्रेम विद्यालय ताड़ीखेत के लिए त्रुटिपूर्ण शासनादेश ठीक होगा।
– ताड़ीखेत में रोडवेज के वर्कशॉप के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा की।
– राजकीय अस्पताल में छह नए डाक्टरों की नियुक्ति करने की बात कही।
– शिल्पकारों के बच्चों को मिलेगी छात्रवृत्ति।
– डंगरिए, जगरियों को हर महीने एक हजार रुपये की पेंशन मिलेगी।
– बैना में एएनएम सेंटर खोलने की घोषणा की।

नेता प्रतिपक्ष विधायक अजय भट्ट की अध्यक्षता में हुए समारोह में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विद्यालयों के बच्चों द्वारा सजाई गई सांस्कृतिक शोभा यात्रा का निरीक्षण किया और बच्चों के साथ झोड़ा भी गाया। विशिष्ट अतिथि छावनी परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नेगी ने नगर क्षेत्र की समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने उठाईं। उन्होंने कहा कि नगरपालिका की अधिसूचना जारी हो गई है, लेकिन रानीखेत को शामिल करने के लिए एनओसी का पेच फंस सकता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री हरीश रावत के सामने रानीखेत को जिला बनाने की प्राथमिकता से मांग उठाई, विकास कार्यों में सहयोग का आश्वासन दिया। मेला संयोजक पूर्व विधायक करन माहरा ने कहा कि कैंट की तरफ से पार्किंग के लिए अभी तक एनओसी नहीं मिली है। नगरपालिका बनाने के लिए उन्होंने नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट से केंद्र सरकार से बात करने की अपील की।

माहरा ने रानीखेत को जिला बनाने, भतरौंजखान लौकोट में पशु चिकित्सालय खोलने, बैना में एएनएम सेंटर खोलने, रानीखेत अस्पताल में डाक्टरों की नियुक्ति करने, ठंडी रोड की दशा सुधारने के लिए धनराशि मंजूर करने की मांग उठाई, जिसे मुख्यमंत्री ने मान लिया।

नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने अस्पताल का ब्लड बैंक फिर से चालू करने सहित क्षेत्र की तमाम समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा। उन्होंने कहा कि गांव-गांव शराब पहुंचने लगी है, युवाओं का भविष्य खतरे में है। रानीखेत जिले की घोषणा तक मुख्यमंत्री ने नहीं की। उन्होंने कहा कि नगरपालिका के नाम पर सरकार ने छल किया है। रानीखेत में सेना की भूमि है। एनओसी कैसे मिलेगी।

भट्ट ने मुख्यमंत्री को अपनी ओर से भरपूर सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री हरीश रावत का लोगों ने पिछौड़े से निर्मित कुमाऊंनी स्टॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। मंच पर मौजूद नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, दर्जा मंत्री सिकंदर पवार, केवल सती, मोहन नेगी, करन माहरा का भी इसी तरह से स्वागत हुआ।

रानीखेत में ग्रीष्मोत्सव का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत एक बार फिर से अपने पुराने अंदाज में दिखे। ताड़ीखेत, सौनी सहित तमाम स्थलों पर उन्होंने जनसंपर्क किया। मुख्यमंत्री के इस अंदाज से लोग खुश नजर आए।