बाबा रामदेव को मिलेगी राहत, बंद होगा उनके खिलाफ एक बड़ा मामला!

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) योग गुरु बाबा रामदेव के खिलाफ विदेशी मुद्रा के कथित उल्लंघन से जुड़ा मामला बंद करने पर विचार कर रहा है। रामदेव और उत्तराखंड में हरिद्वार स्थित उनके ट्रस्ट के खिलाफ कुछ साल पहले यह जांच शुरू की गई थी, लेकिन अब मामले को पर्याप्त सबूतों के अभाव में बंद करने पर विचार किया जै रहा है।

खबरों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय अब तक जांच में कोई विशेष प्रगति नहीं कर पाया है। बता दें कि यह मामला स्कॉटलैंड में एक द्वीप की खरीद से जुड़ा है। एजेंसी इसके वित्तीय लिंक का कोई साक्ष्य नहीं खोज पाई है। बताया जाता है कि एक जोड़े ने रामदेव को बतौर ‘गिफ्ट’ यह द्वीप दिया था। यह जोड़ा रामदेव का फॉलोअर है।

लिटिल कंब्रे द्वीप स्कॉटलैंड के लार्गस का फिशिंग टाउन है। यह रामदेव का ओवरसीज बेस और स्वास्थ्य केंद्र है। बाबा रामदेव की कुछ ऐसी ही संपत्तियां मेडागास्कर, अफ्रीका में भी हैं, जिनकी जांच की गई थी। ईडी ने इन देशों में अपनी समकक्ष एजेंसियों से जांच में मदद के लिए आधिकारिक तौर पर संपर्क भी किया था।

ईडी की ओर से ब्रिटेन के अधिकारियों और कुछ अन्य जगहों से मदद मांगी गई थी, ताकि इस द्वीप के वित्तीय लेनदेन से जुड़े हर पहलू की जानकारी जुटाई जा सके। इसके बाद रिजर्व बैंक की रिपोर्ट और रामदेव द्वारा चलाए जा रहे ट्रस्ट द्वारा कथित तौर पर ‘संदिग्ध’ वित्तीय लेनदेन करने संबंधी इनपुट मिलने के बाद विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत एक मामला दर्ज किया गया था।

खबरों के अनुसार, ब्रिटिश अधिकारियों और दूसरे चैनलों द्वारा जुटाए गए साक्ष्य मामले को आगे ले जाने के लिए काफी नहीं हैं और मामले को जल्द बंद किया जा सकता है।

इस जांच का मकसद बाबा रामदेव के हरिद्वार स्थित विभिन्न ट्रस्टों, पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट, दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट और भारत स्वाभिमान ट्रस्ट से हुए धन के प्रवाह और लेनदेन की पड़ताल करना था। इससे पहले भी, ईडी ने रामदेव के करीबी सहयोगी बालकृष्ण के खिलाफ चल रही मनी लांड्रिंग के एक मामले की जांच सबूतों के अभाव में पिछले साल बंद कर दी थी।