रक्षामंत्री पर्रिकर बोले, देश के लिए किसी भी हद तक जाऊंगा

आतंकवाद का जवाब आतंकवाद से देने (कांटे से कांटा निकलता है) के अपने पहले के बयान से बेपरवाह रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने जोर देकर कहा कि वह भारत की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने कहा, जो देश पर हमला करेगा उसको उसी शैली में जवाब दिया जाएगा।

पर्रिकर ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि उनके बयान पर सिर्फ एक ही देश में खलबली मची है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मुझसे पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में चल रहे आतंकी शिविरों के बारे में सवाल पूछा गया था इसलिए मेरा जवाब भी उसी पर आधारित था।

उन्होंने कहा कि मेरा बयान किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं था और मेरे बयान के मात्र एक अंश को लिया गया न कि पूरी बात को। वास्तव में अगर मुझे अपने देश की रक्षा करनी है तो मुझे किसी भी हद तक जाना होगा। जो भी करने की जरूरत होगी, वह करना पड़ेगा। यह एक बुनियादी बात है जो करनी चाहिए।

पर्रिकर ने कहा, ‘अगर कोई मेरे देश को नुकसान पहुंचाएगा, तो मुझे कदम उठाना होगा। अगर कोई आप पर हमला करे तो उस पर जवाबी हमला करना ही सेना का बुनियादी मकसद है। हमले का जवाब ठीक उसी शैली में दिया जाए।’ पर्रिकर ने कहा कि कोई 13 लाख की सेना शांति का उपदेश देने के लिए नहीं रखेगा।

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते मीडिया से बातचीत में पर्रिकर ने कहा था कि ‘कांटे से ही कांटा निकलता है’, तब उनके बयान का मतलब यह निकाला गया कि वे आतंकवाद के जरिए आतंकवाद को बेअसर करने की बात कर रहे हैं। उनके इस बयान की कड़ी आलोचना भी हुई थी। पाकिस्तान ने भी इस बयान पर कड़ी आपत्ति जाहिर की थी।

पर्रिकर ने स्वीडन में बनी विवादास्पद बोफोर्स तोपों की गुणवत्ता को बेहतर बताया है। हालांकि इससे जुड़े मशहूर घोटाले पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की ओर से दिए गए बयान पर कुछ भी बोलने से इनकार किया। प्रणब ने कहा था कि यह घोटाला मीडिया की उपज था। पर्रिकर ने कहा कि मैं सिर्फ बोफोर्स तोपों की गुणवत्ता की बात कह सकता हूं। मैं राष्ट्रपति के बयान पर कुछ नहीं कह सकता।