मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हेमकुंड के लिए हेलीकॉप्टर सेवा की घोषणा की

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को गोविंदघाट पहुंचकर हेमकुंड साहिब यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने गोविंदघाट गुरुद्वारे में मत्था टेका और अधिकारियों के साथ बैठक की। सीएम ने कहा, हेमकुंड साहिब के लिए भी हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने यात्रा के मुख्य पड़ाव घांघरिया और हेमकुंड साहिब सरोवर का हवाई सर्वेक्षण भी किया।

मुख्यमंत्री के साथ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा, बद्रीनाथ के विधायक राजेंद्र भंडारी और अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा भी थे। गोविंदघाट में उन्होंने सिंचाई, विद्युत, पेयजल, स्वास्थ्य, संचार के साथ ही पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। जिला प्रशासन को घांघरिया से हेमकुंड साहिब तक छह किमी पैदल मार्ग के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि वह स्वयं हेमकुंड साहिब यात्रा पर नजर रखेंगे।

हरीश रावत ने हेमकुंड साहिब के लिए गोविंदघाट और जोशीमठ से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जोशीमठ के रविग्राम में हेलीपैड है, तीर्थयात्री देहरादून से ही हेलीकॉप्टर से जोशीमठ या गोविंदघाट हेलीपैड पर पहुंच सकते हैं। अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने बताया कि हेमकुंड साहिब में हेलीपैड का निर्माण किया जा रहा है। यह आपदा के दौरान रेस्क्यू के काम में लाया जाएगा।

साल 2013 के आपदा प्रभावित भ्यूंडार और पांडुकेश्वर की महिलाओं ने गोविंदघाट में मुख्यमंत्री हरीश रावत का घेराव कर लिया। सीएम के गोविंदघाट पहुंचने से पहले ही यहां पांडुकेश्वर और भ्यूंडार के आपदा प्रभावित पहुंच गए थे। जैसे ही मुख्यमंत्री का काफिला गोविंदघाट गुरुद्वारे में पहुंचा, वहां आपदा प्रभावितों ने उन्हें घेर लिया।

प्रभावितों ने कहा कि आपदा के दो सा बाद भी कई परिवारों को मुआवजे का भुगतान नहीं हो पाया है। भ्यूंडार गांव के प्रभावितों के बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल तक उपलब्ध नहीं हो पाया है। गांव में स्वास्थ्य सेवा भी नहीं है।

पांडुकेश्वर के ग्रामीणों ने कहा कि अलकनंदा साइड जेपी कंपनी की ओर से बाढ़ सुरक्षा कार्य आधे-अधूरे छोड़ दिए गए हैं, जिससे गांव को खतरा हो सकता है। पांडुकेश्वर गांव के नीचे से अवैध खनन भी हो रहा है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को उनकी समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया।