आतंकी संगठन ISIS ने लड़कियों को गुलाम बनाकर बलात्कार को ठहराया जायज

समूची दुनिया में आतंकवाद का सबसे घिनौना चेहरा बन चुके आतंकवादी संगठन ISIS के जारी एक दस्तावेज में लड़कियों का अपहरण कर उन्हें गुलाम बनाकर बलात्कार करना सही माना है। ISIS आतंकियों से और उम्मीद भी क्या की जा सकती है।

मेल ऑनलाइन ने खबर दी है कि इन चौंकाने वाले तथ्यों का जिक्र एक जिहादी लड़की ने आईएसआईएस की दाबिक पत्रिका के नौंवे संस्करण ‘गुलाम लड़कियां या वैश्या’ में किया है। इस्लामिक स्टेट के इस दस्तावेज में अमेरिका की प्रथम महिला अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा को भी वैश्या बताया गया है।

इस दस्तावेज में कहा गया है कि एक वैश्या के तौर पर उनकी कीमत एक दीनार तक लगाई गई है। वहीं संयुक्त राष्ट्र संघ ने दावा किया है कि इराक के अल्पसंख्यक समुदाय की सुंदर कुंवारी लड़कियों का अपहरण कर उन्हें ISIS के लिए भेजा जाता है, जहां उन्हें गुलाम बना कर उनका यौन शोषण कर निलामी की जाती है। दस्तावेज में आंतकी संगठन ने क्रूर यौन उत्पीड़न को जायज ठहराया है।

इस्लामिक स्टेट की दाबिक पत्रिका के पूर्व संस्करण में एक जिहादी लड़की उम्म सुमायाह अल मुहाजिरा ने लिखा है कि उनकी बहनों को सीरीया में बसने और इस्लामिक स्टेट की पत्‍नियां बनने के लिए कहा गया।

दाबिक पत्रिका में महिला के पांच पेजों के इस लेख में अमेरिका की प्रथम महिला का वैश्या होने का भी जिक्र किया गया। कहा गया है कि कौन जानता है कि मिशेल ओबामा वैश्या हैं, यही नहीं उनकी कीमत एक तिहाई दीनार लगाई गई है और यह कीमत उनके लिए काफी बताई गई है।

महिला ने खुले तौर पर कहा है कि आईएसआईएस लड़कियों को गुलाम बनाने के लिए गांवों को लूट रहा है। लड़कियों को इस्लामी लड़ाकों को बेच दिया जाता है और बाद में वे उनके साथ जानवरों से भी बदतर सलूक किया जाता है।

लड़कियों के साथ कई बार बलात्कार किया जाता है और उन्हें कामवासना पूरी करने के लिए जबरन गुलाम बनाया जाता है। उनके बच्चों को आईएसआईएस के लिए फाइटर बनाने के लिए बेच दिया जाता है।

आईएसआईएस आतंकी यजीदी समुदाय को काफिर मानते हैं। वहीं यजीदी लड़कियों की खरीद-फरोख्त को इस्लामिक कायदे का हिस्सा माना जाता है।