फर्जी IAS मामले की जांच समिति में जिम्मेदारी निभाने को तैयार हूं : अजय भट्ट

देहरादून।… वरिष्ठ बीजेपी नेता और नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने उत्तराखंड सरकार पर बहुचर्चित लालबहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में छह माह से ज्यादा समय तक फर्जी आइएएस बनकर रही रूबी चौधरी मामले को ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अगर इसकी जांच के लिए कोई समिति बनायी जाती है और उसकी जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जाती है तो अपनी भूमिका निभाने के लिए वे तैयार हैं।

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता भट्ट ने देहरादून में जारी एक बयान में कहा कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री हरीश रावत को लिखित में एक प्रस्ताव देकर अनुरोध भी किया है।

उन्होंने कहा, ‘मैने लिखित तौर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि यह मामला राज्य की साख एवं सुरक्षा दोनों से जुड़ा हुआ है क्योंकि वह महिला वहां रह ही नहीं रही थी, बल्कि देश के राष्ट्रपति के साथ उसका ग्रुप फोटो भी है। आखिर इतनी बड़ी चूक किसकी शह पर हुई, इसकी जांच होना अति आवश्यक है। यदि सरकार इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए कोई समिति बनाती है और उसकी जिम्मेदारी मुझे सौंपती है तो मैं उस समिति में भूमिका निभाने के लिए तत्पर हूं।’

भट्ट का यह बयान मुख्यमंत्री रावत की उस प्रतिक्रिया पर आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि विपक्ष के नेता लिखित में रूबी प्रकरण की जांच का प्रस्ताव दें तो वह उनकी जांच करने की क्षमता और उनका इस्तेमाल करने पर गंभीरता से विचार करेंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले भट्ट ने कहा था कि यदि सरकार इस मामवे की जांच के लिए कोई समिति बनाती है और उसकी जिम्मेदारी उन्हें देती है तो वह शीघ्र ही इस मामले का खुलासा कर देंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस मामले में हुई चूक का खुलासा करना ही नहीं चाहती।

इस साल मार्च के आखिर में प्रकाश में आए इस प्रकरण ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के एक गांव की रहने वाली रूबी फर्जी आइएएस बनकर उच्च सुरक्षा वाली प्रतिष्ठित लाल बहादुर शास्त्री अकादमी में छह माह से ज्यादा समय तक रही।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इसकी जांच के लिए सीबी-सीआइडी की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की अगुवाई में एक जांच टीम बनायी, जिसने रूबी को गिरफ्तार भी किया।

हालांकि, एक माह की जांच के बाद पुलिस ने इसकी सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी, लेकिन बाद में मुख्यमंत्री रावत ने इससे इंकार कर पुलिस को ही जांच पूरी करने के निर्देश दिए।

जांच के दौरान रूबी ने अकादमी के कुछ अधिकारियों पर उसे वहां फर्जी पहचान पत्र जारी कर ठहराने तथा घूस लेकर नौकरी देने का वादा करने के भी आरोप लगाए। अकादमी तथा अकादमी के अधिकारियों दोनों ने आरोपों को खारिज कर दिया। रूबी, फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर है।