उत्तराखंड में रोपवे के विकास के लिए बनेगा रोपवे कॉरपोरेशन

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश में रज्जूमार्ग (रोपवे) को एक संस्कृति के रूप में अपनाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों में रोपवे बनाने के लिए अलग से एक रोपवे कॉरपोरेशन बनाया जाएगा।

एक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि रोपवे को एक संस्कृति के रूप में अपनाए जाने की जरूरत है। प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर रोपवे निर्माण के लिए रोपवे कॉरपोरेशन बनाया जाए। प्रदेश के विभिन्न स्थानों को जोड़ने के लिए सड़क मार्ग के अलावा वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने की वकालत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लैंचोली से केदारनाथ तक रोपवे के निर्माण में तेजी लाई जाए।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने दुर्गम और उच्च पहाड़ी क्षेत्रों में काम करने के लिए प्रतिबद्घ कार्मिकों की टीम तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि चारधाम,  हेमकुंड साहिब और कैलाश मानसरोवर यात्रा को निर्बाध रूप से चलाने और अपनी संस्कृति को पर्यटन से जोड़ने को प्राथमिकता से लेते हुए कार्ययोजना तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने संस्कृति विभाग को जून माह में देहरादून, ऋषिकेश और अल्मोड़ा में एक बड़े स्तर पर ऐसे सांस्कृतिक समारोहों का आयोजन करने के निर्देश भी दिए जिनमें बड़ी संख्या में पर्यटक शामिल हो सकें।

इसके अलावा उन्होंने कहा, ‘‘आपदा के पहले उत्तराखंड का जो स्वरूप था हमें उससे भी बेहतर स्वरूप का निर्माण करना है जिसके लिए केदारनाथ में बाढ़ सुरक्षा और अन्य कार्यों के साथ ही मंदाकिनी नदी के किनारे घाटों का निर्माण भी किया जाए और पैदल मार्ग को और अधिक सुधारा जाए। वहीं हर 100-150 मीटर की दूरी पर शेल्टर भी बनाए जाने चाहिए।’’ इसके अलावा उन्होंने महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों और पर्यटन स्थलों में हैलीपेड भी विकसित करने के लिए कहा।