पौड़ी जिले के खिर्सू में ‘खिर्सू महोत्सव’ का उद्घाटन करने पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पौड़ी, श्रीनगर, खिर्सू व लैंसडौन को जल्द पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की बात कही।

मुख्यमंत्री रावत ने बुधवार को खिर्सू महोत्सव का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने यही भी कहा कि इसी महीने से राज्य में अतिथि शिक्षकों की भर्ती शुरू कर दी जाएगी।

अतिथि शिक्षकों की भर्ती के लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी। खेल मैदान खिर्सू में मंच निर्माण के लिए मुख्यमंत्री व विधायक ने पांच-पांच लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की।

कार्यक्रम में सीएम हरीश रावत ने पहाड़ों से लगातार बढ़ रहे पलायन पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि पहाड़ों से जहां लोग निरंतर पलायन कर रहे हैं वहीं यहां की संस्कृति भी विलुप्त होती जा रही है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों की संस्कृति दिल्ली में खूब रंग जमाती दिखाई दे रही है और वहां ढोल-दमाऊं की थाप सुनाई दे रही है।

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मुख्यमंत्री ने खिर्सू में पंथ्या दादा के नाम आईटीआई स्थापित करने की घोषणा करते हुए कहा कि यह आईटीआई सिर्फ महिलाओं के लिए संचालित की जाए तो बेहतर होगा। उन्होंने चिंता जताई कि राज्य में संचालित चार इंजीनियरिंग कॉलेजों का राज्य के मात्र 38 फीसद छात्र-छात्राएं ही लाभ उठा पा रहे हैं।

महोत्सव में बुधवार को गढ़कला सांस्कृतिक मंच के कलाकारों ने लोकगीत व लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। लोकगायक अनिल बिष्ट ने ‘हुंगरा लगांदी भग्यानी’, ‘तिमरो-हमरो कांछी’ आदि गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध करके झूमने पर मजबूर कर दिया।

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गायक विवेक नौटियाल ने ‘एकता डांडी’ लोकगीत की प्रस्तुति से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके अलावा अल्मोड़ा जिले से दान सिंह बोहरा व साथियों के छोलिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति ने भी वाहवाही लूटी। महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम देर शाम तक जारी रहे।