बद्रीनाथ : नारदकुंड की सफाई करके लौटाई पहले जैसी रौनक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत प्रसिद्ध धाम बद्रीनाथ के पास स्थित प्राचीन नारदकुंड की साफ सफाई कर उसे पहले जैसी स्थिति में ला दिया गया है। अलकनन्दा नदी के पास स्थित यह ऐतिहासिक कुंड कई दशकों से उपेक्षित रहने के कारण नदी की गंदगी का संचयन केन्द्र बन चुका था, लेकिन ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के ब्रांड एम्बेस्डर और उघोगपति अनिल अंबानी के संरक्षण में बद्रीनाथ धाम में शुरू हुए सफाई अभियान से नारदकुंड अब पहले जैसी स्थिति में आ गया है।

माना जाता है कि बद्रीनाथ मन्दिर के ठीक निचले भाग में अलकनन्दा से सटे इसी नारदकुंड से आदि गुरु शंकराचार्य ने कई शताब्दी पहले भगवान नारायण की मूर्ति खोज कर बद्रीनाथ मन्दिर में पुन:स्थापित की थी। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद से मन्दिर समिति और अनिल अंबानी बद्रीश क्लीनिंग फोर्स के स्वयंसेवक बद्रीनाथ में नियमित सफाई में जुटे हुए हैं।

मन्दिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी और अनिल अंबानी बद्रीश स्वच्छता फोर्स के अध्यक्ष बीडी सिंह ने बताया कि नारदकुंड भगवान बद्रीनाथ का घर रहा है। पुराणों में इसे क्षीर सागर का दर्जा दिया गया है। अब इसे उपेक्षित नहीं छोडा जाएगा। इसमें सालों से जमी गंदगी लगभग हटा दी गई है।

badrinath_temple

बीडी सिंह ने कहा कि इसकी पहले जैसी रौनक लौटायी जा रही है, ताकि लोग फिर से नारदकुंड के दर्शन कर पुण्य लाभ उठा सकें। मन्दिर समिति इसके लिए साफ-सफाई के साथ प्रचार भी कर रही है, ताकि तीर्थयात्री भगवान बद्रीविशाल के दर्शन के साथ नारदकुंड का भी दर्शन करें।

नारदकुण्ड बद्रीनाथ मन्दिर की तलहटी पर गर्मपानी के कुंड से कुछ ही दूरी पर है। कुंड में अलकनन्दा का जल प्रवाहित होता है। अलकनन्दा नदी के तट पर पंचशिलाओं के करीब यह कुंड प्राकृतिक रूप से बना है। इसी कुंड के समीप नारदशिला, नशिलाशिला, बाराहीशिला, गारुणी शिला और मार्कण्डेय शिला नाम की पांच शिलाएं हैं। कहा जाता है इन शिलाओं के करीब पूजा-अर्चना करने से सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो सकती है।

स्वच्छता अभियान में मंदिर समिति के अलावा माणा और पाण्डुकेश्वर गांव के युवा भी भाग ले रहे हैं। नारदकुण्ड में सफाई के लिए अलकनन्दा नदी में उतरना पड़ रहा है। काफी तेज प्रवाह वाली अलकनन्दा के जल में उतरने के लिए पीठ पर रस्सी बांध कर स्वयंसेवक इन दिनों इस स्वच्छता अभियान के लिए जान की बाजी लगाते दिख रहे हैं।