श्रद्धालुओं के लिए खुले चौथे केदार ‘रुद्रनाथ’ के द्वार

चौथे केदार के रूप में मशहूर भगवान रुद्रनाथ के कपाट मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सुबह पांच बजे श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोल दिए गए हैं। कपाटोद्घाटन के समय 240 श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ के दर्शन किए।

समुद्र तल से 2286 मीटर की ऊंचाई पर बुग्यालों के बीच रुद्रनाथ मंदिर स्थित है। बुग्यालों और हिमखंडों के बीच से होकर भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली सोमवार देर शाम रुद्रनाथ मंदिर में पहुंच गई थी।

मंगलवार सुबह पांच बजे पूजा-अर्चना के साथ मंदिर के कपाट खोले गए। इसके बाद मुख्य पुजारी अनिल तिवारी ने भोलेनाथ का श्रृंगार किया। धाम में पहुंचे तीर्थयात्रियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने भगवान रुद्रनाथ की पूजा-अर्चना कर मनौती मांगी।

rudrakedar

पंडित महेंद्र प्रसाद तिवारी और धर्मेंद्र तिवारी ने बताया कि शीतकाल में सात महीने भगवान रुद्रनाथ की पूजा-अर्चना गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर में और ग्रीष्मकाल में पांच माह तक रुद्रनाथ मंदिर में होती है।

रुद्रनाथ मंदिर परिसर में गोपेश्वर की स्वयंसेवी संस्था ‘उम्मीदें ग्रुप’ ने भंडारे का आयोजन किया। जिला मुख्यालय गोपेश्वर से गोपेश्वर-ऊखीमठ मोटर मार्ग पर तीन किमी दूर स्थित सगर तक मोटर मार्ग और यहां से रुद्रनाथ पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 19 किमी खड़ी चढ़ाई पैदल पार करनी पड़ती है।