जानिए ‘पेपर लीक कांड’ में क्यों आया बाबा रामदेव का नाम

यूपीएमटी का पेपर लीक कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के छह गुर्गे पकड़ में आए हैं। गिरोह के तार कई दूसरे राज्यों से भी जुड़ हुए हैं। इस कांड में पकड़े गए गुर्गों में योगगुरु बाबा रामदेव के पतंजलि का एक छात्र आशुतोष तिवारी भी पकड़ा गया है।

बताया जा रहा है कि आशुतोष ने पतंजलि योगपीठ हरिद्वार में बीएएमएस में एडमिशन लेकर छोड़ दिया है। फिलहाल, वह कानपुर के काकानगर से एमबीबीएस की तैयारी कर रहा है। शनिवार को पकड़े गए आरोपियों को पुलिस ने रविवार को रिमांड के लिए मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां से उन्हें सीधे जेल भेज दिया गया।

देहरादून पुलिस ने शनिवार देर रात छह गुर्गों को दबोच कर यूपीएमटी आदि परीक्षाओं के पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देकर मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। इनके पास से करीब डेढ़ करोड़ रुपये के चेक और छह अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्र, लैपटॉप, आठ मोबाइल और कार भी बरामद हुई है।

इनमें से दो युवक महाराष्ट्र के पुणे में काम करते थे, जबकि एक युवक महाराष्ट्र में पढ़ाई कर रहा है। बाकी के युवक उत्तर प्रदेश में परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। गिरोह का सरगना दिल्ली निवासी मनीष बताया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह ने बताया कि गिरोह के सरगना दिल्ली के मनीष और पुणे के अमित सक्सेना को वांछित कर उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम भेजी जा रही है। हालांकि, इनके पास से यूपीएमटी का किसी तरह का पेपर नहीं मिला है।

कोमल चंद गुप्ता निवासी जालौन, आशुतोष तिवारी निवासी कैलाडी प्रतापगढ़, निशिकांत निवासी ललितपुर, रोहित वर्मा लोहियानगर फिरोजाबाद, अरसलान निवासी कल्याणपुर, कानपुर, अन्जय कुमार निवासी भगवतपुर उन्नाव।

पेपर ठगी प्रकरण में पकड़े गए एमबीबीएस के छात्र कोमल चंद गुप्ता और निशिकांत को रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। धारा पुलिस चौकी प्रभारी नरेश राठौड़ ने बताया कि सीजेएम कोर्ट में आवेदन दिया जा रहा है। उनसे रिमांड पर कुछ दस्तावेज बरामद होने की उम्मीद है।

आरोपियों के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने एक आरोपी के मोबाइल से सरगना मनीष से देर रात बात की थी। पुलिस ने जानने की कोशिश की थी कि बनाई गई मेल आईडी पर यूपीएमटी का पेपर कब तक मिलेगा। वह बार-बार जल्द मेल करने की बात कहता रहा, लेकिन नई मेल आईडी पर कोई पेपर नहीं आया।