एसआईटी करेगी रूबी मामले की जांच, CM ने कहा – सीबीआई के लायक नहीं

मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी मसूरी से जुड़े रूबी चौधरी मामले की जांच अब राज्य पुलिस की एसआईटी को ही करनी होगी। पीएचक्यू की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में दिए तर्कों से मुख्यमंत्री और सरकार के अधिकारी सहमत नहीं हैं। लिहाजा, मुख्यमंत्री ने पीएचक्यू के सीबीआई जांच के प्रस्ताव को रद्द कर दिया है।

6 मई को पीएचक्यू ने रूबी मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा था। लेकिन ठीक एक दिन बाद ही प्रमुख सचिव गृह मनीषा पंवार ने प्रस्ताव पीएचक्यू को भेजकर इसका मकसद पूछा और यह भी जानना चाहा कि क्या कारण है कि यह जांच राज्य पुलिस नहीं कर सकती।

इसके दो दिन बाद पीएचक्यू ने तर्कों के साथ प्रस्ताव सरकार को वापस भेजकर एक बार फिर सीबीआई जांच की सिफारिश की। इसके बाद सरकार में मामले से संबंधित फाइल की जांच करने के बाद पाया गया कि यह मामला सीबीआई लायक नहीं है।

इसके साथ ही फाइल मुख्यमंत्री के सामरे रखी गई। विचार विमर्श के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पीएचक्यू के प्रस्ताव को खारिज करते हुए राज्य पुलिस की एसआईटी से ही जांच कराने के आदेश दिए। सीएम के निर्णय के बाद शासन ने पीएचक्यू को निर्देशित किया है कि एसआईटी से ही जांच कराई जाए, क्योंकि यह मामला सीबीआई को रेफर किए जाने लायक नहीं है।