UKD के इकट्ठा होने की संभावनाओं पर ‘पलीता’ लगा रहे काशी सिंह ऐरी

उत्तराखंड क्रांति दल के घटक दल काफी समय बाद एक बार फिर इकट्ठा होने की प्लानिंग कर रहे थे। लेकिन लगता है कि एकता की कोशिशों को पलीता लग गया है और संभावनाएं समाप्त हो गई हैं। त्रिवेंद्र पंवार ने बुधवार को वरिष्ठ नेता दिवाकर भट्ट और काशी सिंह ऐरी को बैठक के लिए आमंत्रित किया था, जिसमें ऐरी नहीं पहुंचे। यह लगातार दूसरी बार है जब दिवाकर और पंवार के बुलाने पर ऐरी नहीं आए। ऐसे में अब दोनों धड़ों के बीच एकता की गुंजाइश ना के बराबर है।

एकता की बैठक में सहमति बनी कि अगर अगर काशी सिंह ऐरी 16 मई को आयोजित महाधिवेशन स्थगित करते हैं तो उनसे एकता को लेकर आगे बातचीत जारी रखी जाए। बैठक में अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार ने कहा कि काशी सिंह ऐरी के बैठकों से नदारद रहने से लग रहा है कि वे दल में एकता को लेकर गंभीर नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि यूकेडी को क्षेत्रीय ताकत के रूप में मजबूत करने के लिए सभी घटकों का एक होना जरूरी है। बैठक में पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट ने कहा कि महाधिवेशन से पहले यूकेडी के सभी घटकों को आपसी सहमति बनाकर मतभेदों और पुरानी गलतियों को लेकर विचार विमर्श करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि दल के आपसी झगड़ों से जनता के बीच दल की साख गिरी है।

दिवाकर भट्ट और त्रिवेंद्र पंवार के एक साथ आने के बाद ऐरी धड़ा उनके प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रहा। यूकेडी के विभाजन के बाद ऐरी धड़े में ही अधिकांश पुराने कार्यकर्ता शामिल हुए हैं, जिससे उसकी स्थिति पंवार धड़े से मजबूत मानी जा रही है। ऐरी के लिए सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि उनके साथ जुड़े कार्यकर्ता पंवार को अध्यक्ष बनाने का विरोध करेंगे।