अमीरी का ऐसा शौक चढ़ा कि नशे की सौदागर बन गई सपा नेता

देहरादून जिले में सेलाकुई पुलिस ने मादक पदार्थों के साथ समाजवादी पार्टी महिला सभा की पूर्व जिलाध्यक्ष ऊषा पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। ऊषा के पास से 7 ग्राम स्मैक और 60 ग्राम चरस बरामद हुई है। जल्द अमीर बनने के चक्कर में महिला ने मादक पदार्थों की तस्करी शुरू कर दी थी।

मध्यप्रदेश के रीवा निवासी ऊषा पटेल बरेली से मादक पदार्थ लाकर सेलाकुई में अपने एजेंटों को देती थी। एजेंट मादक पदार्थों को एजुकेशनल इंस्टीट्यूटों के छात्रों और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले मजदूरों को बेचते थे। पुलिस ने एक युवक को भी गिरफ्तार किया है। उसके पास से 6 ग्राम स्मैक और 200 ग्राम चरस बरामद हुई है।

सेलाकुई चौकी प्रभारी दिलबर सिंह नेगी ने शनिवार रात को गश्त के दौरान कैंप रोड से अमजद खान निवासी जमनपुर सेलाकुई को गिरफ्तार किया। वह स्कूटी से मादक पदार्थ सप्लाई करने जा रहा था। पुलिस आरोपी को चौकी ले आई। उसके पास से चरस और स्मैक बरामद हुई।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे जमनपुर निवासी सपा नेता ऊषा पटेल पत्नी मंगलेश्वर पटेल मादक पदार्थों की सप्लाई करती है। यह खबर सुनकर पुलिसकर्मी दंग रह गए, पुलिस ने मुखबिरों का नेटवर्क फैला दिया।

पुलिस को सूचना मिली कि रविवार सुबह 11:30 बजे महिला दून पीजी कॉलेज तिराहे के करीब किसी को मादक पदार्थों की सप्लाई करने जा रही है। सीओ स्वप्न किशोर सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने सपा नेता को मौके से दबोच लिया। मादक पदार्थ बरामद होने पर पुलिस उसे चौकी ले आई। जहां उसने खुद को सपा नेता बताया।

जांच में पता चला कि वह पूर्व में सपा की महिला सभा की जिलाध्यक्ष रह चुकी है। सीओ ने बताया कि दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है। जल्द अमीर बनने के लिए वह इस धंधे में उतरी।

पुलिस के हत्थे चढ़ी ऊषा पटेल सपा नेता होने का खूब रौब दिखाती थी। वह अक्सर चौकी आती थी। महिला के पास एक ट्रवेरा गाड़ी भी है। रौब दिखाने के लिए उसने गाड़ी पर सपा का बोर्ड लगाया था। उसका जमनपुर में अपना मकान है। जिसके कुछ कमरे किराए पर दिए हुए हैं।

आरोपी महिला बरेली से दो हजार रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से स्मैक लाती थी। एक ग्राम स्मैक की 10 पुड़िया तैयार करती थी। प्रत्येक पुड़िया को कम से कम एक हजार रुपये में बेच देती थी। अमजद आरोपी महिला को मौसी कहता था।

महिला उसे चरस और स्मैक बेचने के लिए देती थी। अमजद ने बताया कि वह कैंप रोड पर खड़ा हो जाता है। उसे नशे के आदी लोग पहचानते थे। जो वहीं आकर नशे का सामान खरीद लेते थे।