‘मेरे बुजुर्ग, मेरे तीर्थ’ : CM हरीश रावत ने बुजुर्गों को चारधाम के लिए किया रवाना

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुजुर्गों को निशुल्क चारधाम यात्रा कराने के लिए ‘मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ’ योजना के तहत तीन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। तीन बसों में से एक बस में 30 बुजुर्ग गंगोत्री धाम के लिए जबकि दो बसों में 64 बुजुर्ग बदरीनाथ धाम के लिए रवाना किए गए।

यात्रा पर जा रहे बुजुर्ग काफी खुश नजर आए। उनका कहना था कि इस तरह की योजना के तहत उन्हें अपनी ही उम्र के लोगों का साथ मिल रहा है और परिवार के लोगों के साथ जाने की बजाय इसमें अधिक आनंद आ रहा है। इस योजना का उद्देश्य बुजुर्गों का सम्मान और राज्य के भीतर अन्तर्जनपदीय पर्यटन को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अपने राज्य के भीतर भ्रमण करने से लोगों को एक दूसरे से परिचित होने के अवसर मिलने के साथ ही क्षेत्रीय और सांस्कृतिक समन्वय भी बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था भी गतिशील होगी।

उन्होंने कहा ‘उत्तराखंड के लोग दूसरे राज्यों के लोगों की तुलना में राज्य के भीतर बहुत कम घूमने के लिए जाते हैं। हम चाहते हैं कि राज्य के एक जिले के लोग दूसरे जिलों में घूमने जाएं। इससे एक-दूसरे के बारे में परिचित होने का अवसर मिलेगा, क्षेत्रीय व सांस्कतिक समन्वय बढ़ेगा और राज्य की अर्थव्यस्था भी गतिशील होगी।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत अरमान से यह योजना प्रारम्भ की गई है और इस वर्ष 20 से 25 हजार बुजुर्गों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना को धीरे-धीरे और अधिक विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार ने पिछले यात्रा सीजन में शुरू की थी। उन्होनें बताया कि इस योजना से लाभान्वित बुजुर्गों को वर्ष 2017 के बाद फिर से चारधाम तथा अन्य तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जाएगी।