मासी के सल्टिया सोमनाथ मेले में 50 साल बाद पहुंचेगा सल्ट का नगाड़ा

मासी में 10 मई यानी रविवार की रात से शुरू होने वाले सल्टिया सोमनाथ मेले में इस बार सल्ट का नगाड़ा भी पहुंचेगा। बताया जा रहा है कि पिछले करीब 50 साल से मेले में सल्ट का नागाड़ा पहुंचना बंद हो गया था।

मासी में होने वाले सल्टिया सोमनाथ मेले की तैयारियां पिछले कई दिनों से जारी थीं। सोमनाथ मेले के पहले दिन दस मई की रात सल्टिया मेला होता है। करीब 50 साल पहले तक रात के मेले में सल्ट के लोग नगाड़े निशाणों के साथ भारी तादाद में पहुंचते थे। इसीलिए इस मेले को सल्टिया कहा गया, परंतु बाद में सल्ट के नगाड़े और वहां के लोगों की उपस्थिति नाम मात्र की रह गई है। रात में होने के कारण आम लोगों में भी इसको लेकर खास रुझान अब नहीं रहा।

इस बीच सोमनाथ मेला समिति ने सल्टिया मेले को पुनर्जीवित करने के लिए सल्ट में लोगों से संपर्क कर नगाड़ा लाने पर सहमति बना ली है। सोमनाथ मेला समिति के अध्यक्ष गोपाल मासीवाल ने बताया कि 10 मई की रात आठ बजे सल्ट का नगाड़ा मासी पहुंचेगा। इस दौरान नगाड़े में शामिल लोगों का भव्य स्वागत किया जाएगा। रात में सल्टिया होगा, जबकि दूसरे दिन 11 मई से सोमनाथ मेला शुरू होगा।

मासी में 11 मई को होने वाले सोमनाथ मेले में पहले ओड़ा भेटने की बारी मासी आल (मासी समूह) की है। उसके बाद कनौंणियां आल में शामिल विभिन्न गावों के लोग ओड़ा भेटेंगे। मेले के दौरान लोग रामगंगा नदी में पत्थर फेंककर ओड़ा भेंटने की रस्म निभाते हैं। मेले को भव्य रूप देने के लिए स्थानीय स्कूलों के अलावा बाहर से भी सांस्कृतिक टीमें बुलाई गई हैं।