बीजेपी ने वन मंत्री दिनेश अग्रवाल की बर्खास्तगी की मांग की

देहरादून।… उत्तराखंड के वन मंत्री दिनेश अग्रवाल पर बिना केंद्र सरकार की अनुमति के गत सात मई को नेपाल भ्रमण पर जाने पर आपत्ति प्रकट करते हुए बीजेपी ने राज्यपाल डा कृष्णकांत पाल से मुलाकात की और उन्हें बर्खास्त किये जाने की मांग की।

राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट की अगुवाई में बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन पहुंचकर इस संबंध में राज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में उत्तराखंड के वन मंत्री अग्रवाल द्वारा औपचारिक अनुमति के बिना 7 मई को अन्तरराष्ट्रीय सीमा पार कर नेपाल भ्रमण किए जाने पर आपत्ति व्यक्त करते हुए मंत्री की बर्खास्तगी की मांग की गई है।

राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के बाद भट्ट ने संवाददाताओं से बातचीत में सवाल उठाया कि बिना अनुमति लिये नेपाल भ्रमण के दौरान अगर मंत्री के उपर कोई माओवादी हमला या कोई अन्य हादसा हो जाता तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती।

उन्होंने कहा कि एक राज्य के कैबिनेट मंत्री पद पर आसीन व्यक्ति को अगर अपनी जिम्मेदारी का अहसास ही नहीं है तो उसे तुरंत पद से बख्रास्त किया जाना चाहिये। भट्ट ने इस संबंध में कहा कि केंद्र सरकार ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार को भी नेपाल दौरे की अनुमति नहीं दी थी लेकिन अग्रवाल बिना अनुमति के ही वहां चले गये।

उधर, इस बारे में संपर्क किये जाने पर वन मंत्री अग्रवाल ने कहा कि एक पुल के निरीक्षण के लिये अधिकारियों के साथ वह नेपाल की सीमा में प्रवेश कर गये थे और बीजेपी मुद्दों की कमी के कारण बिना बात राई का पहाड बना रही है।

अग्रवाल ने कहा कि पिथौरागढ के प्रभारी मंत्री होने के नाते वह गत सात मई को वर्ष 2013 में आयी दैवीय आपदा से प्रभावित हुए झूलाघाट क्षेत्र की समस्याओं को सुनने गये थे जहां लोगों ने उन्हें बताया कि भारत से नेपाल को जोडने वाला पुल भी क्षतिग्रस्त हालत में है।

उन्होंने कहा, ‘पुल के निरीक्षण के दौरान मैं नेपाल सीमा में चला गया जहां करीब पांच मिनट मैने नेपाल के लोगों से बातचीत भी की। बीजेपी के पास मुद्दों की कमी है, इसलिये वह बिना किसी कारण के इसे मुद्दा बना रही है।’