आईस हॉकी की दुर्दशा, प्राकृतिक सतह अंतरराष्ट्रीय स्तर की नहीं

सरकार ने माना कि ढांचागत सुविधाओं के अभाव में आईस हॉकी खिलाड़ियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। देश में आईस हॉकी के लिए प्राकृतिक सतह उपलब्ध है, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय आकार या स्तर की नहीं है।

खेल राज्य मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने बुधवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि वर्तमान में देश में आईस हॉकी के 2000 से ज्यादा खिलाड़ी हैं, लेकिन ढांचागत सुविधाओं के अभाव में उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि देश में आईस हॉकी के लिए प्राकृतिक सतह उपलब्ध है, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय आकार या स्तर की नहीं है। आईस हॉकी के लिए यह प्राकृतिक सतह साल में अधिकतम दो महीने के लिए होती है।

उन्होंने पूरक प्रश्नों के जवाब में बताया कि भारतीय आईस हॉकी संघ से मिली सूचना के अनुसार, देहरादून में एक अंतरराष्ट्रीय आकार का कृत्रिम आईस हॉकी रिंग है लेकिन यह पिछले तीन साल से प्रचलन में नहीं है। इस संबंध में उत्तराखंड सरकार से बात की जाएगी।

सोनोवाल ने बताया कि आईस हॉकी खेल के लिए मंत्रालय ने भारतीय आईस हॉकी संघ को राष्ट्रीय खेल संवर्धन संगठन (एनएसपीओ) के रूप में मान्यता दी है। राष्ट्रीय खेल परिसंघों को सहायता देने की योजना के अनुसार, एनएसपीओ को भारत में चैंपियनशिप आयोजित करने के लिए अधिकतम दो लाख रुपये के अनुदान की मंजूरी है।