फर्जी IAS मामले की होगी सीबीआई जांच, राज्य पुलिस ने की सिफारिश

देहरादून।… मसूरी स्थित प्रतिष्ठित लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में कथित फर्जी आईएएस ट्रेन बनकर रही रूबी चौधरी मामले की जांच में अब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने में विफल रही उत्तराखंड पुलिस ने राज्य सरकार को मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की है।

अस्थायी राजधानी देहरादून में राज्य पुलिस मुख्यालय से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पुलिस महानिरीक्षक, गढवाल रेंज, संजय गुंज्याल ने देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की सलाह के आधार पर रूबी चौधरी प्रकरण की विवेचना एक राष्ट्रीय संस्थान से संबंधित होने के कारण इसकी जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति की है।

गुंज्याल की संस्तुति के आधार पर देहरादून जिले के मसूरी थाने में दर्ज रूबी चौधरी मामले की जांच राज्य पुलिस मुख्यालय ने उत्तराखंड सरकार को सीबीआई को हस्तांतरित करने की सिफारिश की है।

गौरतलब है कि करीब एक माह से भी ज्यादा समय पहले रूबी चौधरी नाम की महिला के अकादमी में छह माह तक फर्जी ट्रेनी आईएएस बनकर रहने के सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने इसकी जांच के लिए सीबी-सीआईडी की पुलिस अधीक्षक शहाजहां अंसारी के नेतृत्व में एक विशेष कार्यबल गठित किया था।

बाद में, कार्यबल ने रूबी से पूछताछ के बाद उसे गिरफतार कर लिया था। पूछताछ के दौरान रूबी ने आरोप लगाया था कि अकादमी के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने उससे घूस लेकर उसे अकादमी में रहने के लिए जरूरी पहचान पत्र मुहैया कराया था।

भारतीय दंड विधान (IPC) की धाराओं 420, 467, 468, 471 और 170 के तहत आरोपी बनाई गई महिला रूबी ने यह भी आरोप लगाया था कि उक्त अधिकारी ने उसे कथित रूप से नौकरी दिलाने का भी भरोसा दिलाया था। हालांकि, बाद में शक के घेरे में आए उक्त अधिकारी तथा अकादमी दोनों ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था।