किसानों से बोले गडकरी- ‘पेशाब से करें पौधों की सिंचाई’, मूत्र को बताया सस्ती खाद

बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नी‌तिन गडकरी ने किसानों को सलाह दी है कि वे पौधों की सिंचाई मूत्र (पेशाब) से करें।

नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि दिल्ली‌ स्थित उनके आवास में जो पौधे लगे हैं, उनकी सिंचाई वे मूत्र से ही करवाते हैं। इसके लिए वह 50 लीटर की केन में अपना मूत्र इकट्ठा करते हैं।

उन्होंने किसानों को सलाह दी की पौधों को ‌अधिक बड़ा और बेहतर बनाने के लिए मूत्र का उपयोग कारगर हो सकता है। गडकरी ने मूत्र को सस्ती खाद बताया।

गडकरी ने भीड़ को मराठी में संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं 50 लीटर के केन में मूत्र इकट्ठा करता हूं और उसे माली को दे देता हूं। कह देता हूं कि कुछ पौधों की सिंचाई वह मूत्र से कर दे।’

गडकरी ने कहा कि जिन पौधों की मूत्र से सिंचाई होती है, वे सामान्य पौधों से बिलकुल अलग दिखते हैं। ये दूसरे पौधों से डेढ़गुना तेजी से बढ़ते हैं। हालांकि किसानों को ये जानकारी देते हुए गडकरी ने कहा कि उन्हें बताने में जरा संकोच भी हो रहा है।

गडकरी ने किसानों को ये भी बताया कि वे रोजाना एक छोटे से डिब्बे में अपना मूत्र भरते हैं और बाद में उसे वे एक 50 लीटर के केन मे डाल देते हैं। उन्होंने कहा कि उनके बंगले में लगभग एक एकड़ की बागवानी है। मूत्र बहुत सस्ती खाद है, इसलिए उसका उपयोग करता हूं।

केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा कि अभी में केवल मूत्र के बारे में ही जानकारी दे रहा हूं, उससे अधिक कुछ नहीं बता सकता। गडकरी ने किसानों से कहा कि वे अपने संतरे के पौधों की स‌िंचाई मूत्र से करें, उन्हें फर्क बहुत साफ दिखेगा। बहुत तेजी से तरक्की होगी। फल और फूल दोनों में बढ़त दिखाई देगी।