पूरे एक हफ्ते बाद खुला बद्रीनाथ हाईवे, बारूद से उड़ाई गई चट्टानें

पिछले सात दिनों से विष्णुप्रयाग में बंद बद्रीनाथ हाईवे सोमवार रात को वाहनों की आवाजाही के लिए खुल गया। पिछले मंगलवार को दिन में और फिर बुधवार की रात जोशीमठ से आगे विष्णुप्रयाग में हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा, विशाल चट्टान और बड़े-बड़े बोल्डर आ गए थे। तभी से काम चल रहा था।

सोमवार को सभी बोल्डरों को ध्वस्त करने के बाद यहां मलबे के ऊपर ही मिट्टी भरकर वाहनों की आवाजाही शुरू करवा दी गई। मार्ग बंद होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

यात्री तीन किमी चढ़ाई वाले पैदल रास्ते से हाईवे के बंद हिस्से को पारकर फिर वाहन से धाम पहुंच रहे थे। हाईवे बंद होने से यात्रा की रफ्तार भी धीमी पड़ गई थी। बीआरओ ने सोमवार को सुबह नौ बजे से ही हाईवे से बोल्डर हटाने का काम शुरू किया।

यहां करीब तीस मीटर तक बोल्डर अटके हुए थे। इन्हें विस्फोट से उड़ाया गया। शाम सात बजे बीआरओ ने हाईवे पर अटके अंतिम बोल्डर को विस्फोट से तोड़ा। इसके बाद मलबे के ऊपर ही मिट्टी बिछाई गई।

बीआरओ के कमांडर कर्नल आर सुब्रमण्यम ने बताया कि रात से ही हाईवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू करवा दी गई है। पहले बदरीनाथ की ओर फंसे करीब 80 वाहनों को सुरक्षित निकाला गया।

उधर, कंचनगंगा में बर्फ हटाने का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। कंचन गंगा मोड़ पर करीब पांच फीट बर्फ अब भई जमी हुई है। हाईवे को बर्फ से मुक्त न कर पाने के कारण सोमवार को बीआरओ ने हिमखंड में आई दरारों को बर्फ से ढक कर फिर से लोहे की प्लेटें डालकर वाहनों की आवाजाही कराई।