गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए उत्तराखंड कांग्रेस ने केंद्र से मांगा पैकेज

देहरादून।…उत्तराखंड में सत्ताधारी कांग्रेस ने चमोली जिले में स्थित गैरसैंण को राज्य की स्थायी राजधानी घोषित किए जाने की वकालत की है। अपनी इस मांग के साथ राज्य सरकार ने सोमवार को केंद्र से 1000 करोड रुपये का पैकेज देने की मांग की।

राज्य की अस्थायी राजधानी देहरादून में एक पत्रकार वार्ता में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने केंद्र सरकार से गैरसैंण को राज्य की स्थायी राजधानी घोषित करने के लिए संसद में एक विधेयक लाने और उसे पारित कराने की भी मांग की।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वह गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के मुद्दे पर जल्द ही मुख्यमंत्री हरीश रावत से भी बात करेंगे। हालांकि, इस मुद्दे पर अभी तक राज्य सरकार ने अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है जबकि गैरसैंण क्षेत्र में भराडीसैंण में विधानसभा और सचिवालय का निर्माण किया जा रहा है।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के देहरादून दौरे के एक दिन बाद उपाध्याय ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि इस पार्टी ने उत्तराखंड को राजधानी मसले के मकड़जाल में फंसा कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि साल 2000 में राज्य निर्माण के समय बीजेपी ने उत्तराखंड की राजधानी को एक मुद्दा बनाते हुए देहरादून को अंतरिम राजधानी घोषित कर दिया।

उन्होंने कहा, मैं इस बात को साफ करना चाहता हूं कि हम गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के पक्ष में हैं और इस सिलसिले में हम मुख्यमंत्री से भी बातचीत करेंगे। गौरतलब है कि उत्तराखंड की पिछली सरकारों ने राज्य की स्थायी राजधानी का मसला तय करने के लिए जेएन दीक्षित आयोग का गठन किया था, जिसने साल 2008 में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी।

इस रिपोर्ट में गैरसैंण को राजधानी के लिए भूकंप तथा जगह की उपलब्धता सहित कई अन्य कारणों से अनुपयुक्त करार देते हुए देहरादून को ही स्थायी राजधानी के लिए सही स्थान बताया था।