उत्तराखंड में काल बनकर आयी आंधी और 8 जिंदगियों सहित बहुत कुछ ले उड़ी

उत्तराखंड में गुरुवार रात को आई आंधी ने काफी नुकसान पहुंचाया है। सैकड़ों पेड़ और उन पर घरौंदे बना कर रह रहे पक्षियों को भी भारी नुकसान पहुंचा। राज्य के एक बड़े हिस्से की बिजली और संचार व्यवस्था को भी भी आंधी ने नुकसान पहुंचाया। यही नहीं इस आंधी ने आम आदमी की रात की नींद और किसानों के बचे-खुचे चैन को भी उड़ा दिया।

सीमावर्ती नेपाल और कुमाऊं में आठ लोगों की जानें चली गईं। रही-सही कसर साथ आए पानी ने पूरी कर दी। तेज हवाओं के साथ बारिश से खेतों को नुकसान हुआ और फसल-सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचाया। रास्ते बंद हुए और सड़कों पर आवाजाही थम गई।

गुरुवार देर रात करीब 1.30 बजे 80 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चली आंधी ने समूचे कुमाऊं, हरिद्वार, देहरादून और सीमावर्ती नेपाल में भारी तबाही मचाई है। हजारों पेड़ उखड़ गए। सिर्फ तराई केंद्रीय वन प्रभाग के भाखड़ा रेंज के टांडा जंगल में छोटे-बड़े 15 हजार पेड़ धराशायी हो गए हैं। ओले गिरने से गौलापार में सैकड़ों तोते मर गए। इनको बोरों में भरकर लोगों ने जंगल में दफनाया।

कुमाऊं की सीमा से सटे पश्चिमी नेपाल में आंधी से चार लोगों की मौत हो गई। चंपावत में चमू देव के मंदिर की दीवार गिर गई। यहां एसएसबी के तीन जवान जख्मी हो गए। चांदनी (टनकपुर) में पेड़ की चपेट में आने से एक नेपाली की मौत हो गई। यहां डेढ़ सौ पेड़ गिरे हैं और 210 मकानों को भारी नुकसान हुआ है।

रुद्रपुर के शिमला पिस्तौर में दीवार के मलबे के नीचे दबने से जिला हरदोई निवासी सिक्योरिटी गार्ड असलम की मौत हो गई। वहीं, चोरगलिया (हल्द्वानी) में दीवार गिरने से दो बहनें घायल हो गईं, जिनका सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। किच्छा में टिन की चपेट में आने से बच्ची की मौत हो गई। गदरपुर में तीन महिलाएं घायल हो गईं।

अल्मोड़ा में शुक्रवार की सुबह विद्यालय जा रही 12वीं की छात्रा टूटी हुई बिजली की हाईटेंशन लाइन के तार की चपेट में आकर मामूली रूप से झुलस गई।

आंधी ने किसानों की रही सही फसल को भी तबाह कर दिया है। आंधी से हल्द्वानी और रामनगर में आम, काशीपुर और रामनगर में लीची की तैयार फसल तेज हवाओं से जमीन पर आ गई है। गन्ने की फसल तबाह भी हो गई है।

आंधी से प्रदेश में बिजली का फ्यूज उड़ गया। जगह-जगह लाइनों पर पेड़ गिरने, टावरों और खंभों के उखड़ने से बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई। दिन भर लाइनों को दुरुस्त करने का काम चलता रहा।

शुक्रवार रात तक भी गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के सैकड़ों गांव और कई छोटे शहर अंधेरे में डूबे थे। कई स्थानों पर पानी की किल्लत भी पैदा हो गई थी।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आंधी से बर्बाद हुए किसानों के लिए 25 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि देने का ऐलान किया है, जिसमें 15 करोड़ रुपये उद्यान विभाग और 10 करोड़ रुपये कृषि विभाग को दिए जाएंगे। जिले के प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव भी जिलों का दौरा करेंगे।