बद्रीनाथ राजमार्ग पर फिर गिरी चट्टान, श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया

चमोली जिले में जोशीमठ के पास हाथीपर्वत से बोल्डर गिरने के कारण पिछले करीब दो दिनों से बंद पड़े ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार को फिर पहाडी से एक बडी चट्टान गिर पड़ी, जिसके कारण उस पर वाहनों का आवागमन शुरू नहीं हो पाया।

हालांकि, उत्तराखंड सरकार ने इस भूस्खलन के कारण बद्रीनाथ यात्रा के रुक जाने या बद्रीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों के फंसने की खबरों से इंकार किया है और कहा कि यात्रा नियंत्रित रूप से लगातार जारी है और कहीं कोई तीर्थयात्री नहीं फंसा है। देहरादून में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य के अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने कहा, ‘बद्रीनाथ यात्रा को रोके जाने की खबरें पूरी तरह से गलत हैं। यात्रा नियंत्रित रूप से लगातार चल रही है।’

उन्होंने कहा कि बार-बार भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो रहे रास्ते को देखते हुए बद्रीनाथ के तीर्थयात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। शर्मा ने कहा, ‘जोशीमठ से आगे मारवाड़ी में हाथीपर्वत के भूस्खलन में लगभग 150 मीटर का हिस्सा धंस गया है जबकि 400-500 मीटर के हिस्से में मलबा आ रखा है। इस तरह की व्यवस्थाएं की गई हैं कि यात्रा बाधित न हो।’ उन्होंने कहा कि सीमा सडक संगठन बीआरओ के अधिकारियों द्वारा आश्वस्त किया गया है कि रास्ते के इस हिस्से को 72 घंटे में दोबारा गाड़ियां चलने लायक बना दिया जाएगा।

शर्मा ने कहा कि बद्रीनाथ मार्ग से 650 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जिनमें से 150 को हेलीकॉप्टर से, जबकि 500 श्रद्घालुओं को सड़क मार्ग से पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि कोई भी यात्री किसी भी स्थान पर फंसा नहीं है और केवल 150 श्रद्घालु अपनी इच्छा से बद्रीनाथ में रुके हैं।

गत 26 अप्रैल को शीतकालीन अवकाश के बाद बद्रीनाथ के कपाट खोले गए थे और यात्रा शुरू हुई थी।